Anmol Bishnoi Fake Passport: भारतीय एजेंसियों की महीनों की तलाश आखिरकार खत्म हो गई. अमेरिका से भारत डिपोर्ट किए जाने के कुछ ही मिनट बाद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया.
2022 से फरार चल रहा अनमोल कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और एनआईए उसकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थी. लॉरेंस को सजा मिलने के बाद से गैंग की कमान अनमोल संभाल रहा था और विदेश में बैठकर भारत में कई बड़े अपराधों को मैनेज कर रहा था.
फर्जी नाम “भानू प्रताप” बनकर गया था अमेरिका
अनमोल की गिरफ्तारी की कहानी भी किसी थ्रिलर से कम नहीं. अमेरिका के लॉस एंजेलिस में यूएस इमिग्रेशन ने ‘भानू प्रताप’ नाम से यात्रा कर रहे एक शख्स को रोक लिया. दस्तावेज़ों की जांच में अधिकारियों को शक हुआ, और पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि यह कोई भानू प्रताप नहीं बल्कि 10 लाख का इनामी गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई है. वह अमेरिका में एंट्री पाने के लिए कई नकली पहचान और फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर रहा था.
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सबूत
जांच में यह भी सामने आया कि अनमोल के पास एक रूसी पासपोर्ट और कई जाली दस्तावेज़ मौजूद थे. वह अक्सर अमेरिका और कनाडा के बीच मूवमेंट कर रहा था, जहां उसने अपने सिंडिकेट को मजबूत कर रखा था.
अनमोल पर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, सलमान खान के घर फायरिंग, उगाही, हत्या की साजिश, विदेशी हथियारों की स्मगलिंग सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, लगभग हर बड़े राज्य की पुलिस उसे मोस्ट वांटेड घोषित कर चुकी थी.
अमेरिका से चल रहा था लॉरेंस बिश्नोई का आतंकी सिंडिकेट
भारत लाए जाने के बाद एनआईए ने अनमोल को दिल्ली की अदालत में पेश किया. एजेंसी के अनुसार, वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर अमेरिका से पूरा आतंकी-सिंडिकेट चलाता रहा.
वह विदेश में रहकर अपने गुर्गों को निर्देश देता था, उन्हें पैसे और हथियार उपलब्ध कराता था तथा भारत में धमकी, वसूली और हमलों की प्लानिंग करता था. एनआईए ने बताया कि अनमोल इस केस में गिरफ्तार होने वाला 19वां आरोपी है और उसकी भूमिका गिरोह में बेहद महत्वपूर्ण थी.
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