पाकिस्तान में फिर नेटवर्क बढ़ा रहा लश्कर-ए-तैयबा, सिंध में युवाओं की भर्ती पर फोकस! क्या है प्लान?

प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की पाकिस्तान में गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं. बताया जा रहा है कि संगठन देश में अपने नेटवर्क को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

Lashkar e Taiba is expanding its network in Pakistan recruiting youth in Sindh
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की पाकिस्तान में गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं. बताया जा रहा है कि संगठन देश में अपने नेटवर्क को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, जुलाई के आखिरी हफ्ते में लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी और अब्दुल रऊफ ने सिंध का गुप्त दौरा किया था. इस दौरान उन्हें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की सुरक्षा मिलने की बात सामने आई है. दावा है कि दोनों को बुलेटप्रूफ गाड़ियों में ले जाया गया.

सिंध में लश्कर के स्थानीय प्रमुख फैसल नदीम के साथ दोनों की कई बैठकें होने की भी जानकारी है. इन बैठकों में स्थानीय कमांडरों और आईएसआई से जुड़े लोगों से मुलाकात का भी दावा किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य मकसद युवाओं को लश्कर की भर्ती और उसकी गतिविधियों से जोड़ना था.

लश्कर-ए-तैयबा छात्रों, युवाओं और महिलाओं को संगठन से जोड़कर अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. हाफिज सईद के नेतृत्व वाला यह संगठन अपने राजनीतिक चेहरे पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग और दूसरे संगठनों के जरिए पाकिस्तान में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

लश्कर से जुड़े नए मरकज और मस्जिदें

रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग की राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. पिछले छह महीनों में सिंध में लश्कर से जुड़े सात से ज्यादा नए मरकज और मस्जिदें सामने आने की बात कही गई है.

संगठन के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए बड़ी रकम खर्च किए जाने का भी दावा किया गया है. इसके जरिए लश्कर नए इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तानी एजेंसियों पर उठ रहे सवाल

लश्कर जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन की गतिविधियां अगर लगातार बढ़ रही हैं तो पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही हैं, यह सवाल भी उठ रहा है. सवाल यह भी है कि क्या लश्कर पर कार्रवाई करने के बजाय उसे दोबारा अपना नेटवर्क मजबूत करने का मौका दिया जा रहा है.

आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है लश्कर

लश्कर-ए-तैयबा भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है. 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व में संगठन छात्रों, युवाओं और मजदूरों के लिए अलग-अलग संगठनों के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश करता रहा है.

लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद पर संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने प्रतिबंध लगा रखा है. इसके बावजूद संगठन अलग-अलग नामों और चेहरों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखने की कोशिश करता रहा है.

PMML के जरिए नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश

लश्कर-ए-तैयबा ने अपनी गतिविधियों को सीधे सामने आने से बचाने के लिए पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग को राजनीतिक चेहरे के तौर पर इस्तेमाल किया है. बाहर से यह एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर दिखाई देती है और लश्कर से किसी संबंध से इनकार करती है. हालांकि, लश्कर से जुड़े कई लोग PMML की रैलियों में नजर आ चुके हैं.

अब संगठन अपने नेटवर्क को और बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है. कोशिश यह बताई जा रही है कि युवाओं को अपने साथ जोड़ा जाए और गतिविधियां इस तरह चलाई जाएं कि सुरक्षा एजेंसियों की नजर सीधे उस पर न पड़े.

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान में लगातार 3 रात उतरे तुर्की के विमान, पहुंची ड्रोन और हथियारों की खेप! भारत के खिलाफ तैयारी?