इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान के चर्चित विवादित टिप्पणीकार जैद हामिद ने गुस्सा जाहिर किया है. लाल टोपी के नाम से पहचाने जाने वाले जैद हामिद ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कई आपत्तिजनक बातें कहीं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप में जैद हामिद की आवाज होने का दावा किया जा रहा है. इसमें वह पीओके में हो रहे विरोध प्रदर्शन और हिंसा को लेकर बात करता सुनाई दे रहा है. उसने प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान और सेना के खिलाफ जाने वाला बताया.
जैद हामिद ने प्रदर्शनकारियों पर निकाला गुस्सा
ऑडियो में जैद हामिद कथित तौर पर कह रहा है कि पीओके के लोग पाकिस्तानी सेना की कद्र नहीं करते और उसके खिलाफ नारे लगा रहे हैं. उसने कहा कि ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए.
उसने यह भी कहा कि अगर भारत पीओके पर कब्जा कर लेता है तो वहां के लोगों को असली आजादी का मतलब समझ आएगा. उसके अनुसार, तब यही लोग पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना को याद करेंगे.
भारत के कब्जे को लेकर दिया विवादित बयान
जैद हामिद ने कहा कि जिन इलाकों में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, वहां भारतीय सेना पहुंच जाए तो लोगों को अपनी गलती का एहसास होगा. उसने दावा किया कि तब लोग पाकिस्तान से मदद की मांग करेंगे.
"Indian Army is all set to capture Azad Kashmir (POJK). The situation is very dangerous. I fear we won't be able to stop India this time."
— Pakistan Untold (@pakistan_untold) August 4, 2026
- Ghazwa e Hind commander Zaid Hamidpic.twitter.com/baEEJuOpmd
हालांकि, जैद हामिद के इन बयानों की आलोचना भी हो रही है. कई लोग इसे पीओके के लोगों की आवाज को दबाने वाली सोच बता रहे हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री भी दे चुके हैं बयान
पीओके में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी सख्त बयान दे चुके हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान विरोधी बताते हुए कहा था कि सरकार ऐसे लोगों के साथ कोई नरमी नहीं बरतेगी.
उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और उनसे बातचीत नहीं की जाएगी.
पीओके में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी कई मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं.
इनमें महंगाई, बेरोजगारी, स्थानीय लोगों को ज्यादा अधिकार देने और विधानसभा में आरक्षित सीटों को खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं.
इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई और झड़पों में कई लोगों की मौत हो चुकी है. पीओके में बढ़ते विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं.
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