म्यांमार में आए भूकंप के झटकों से कांपी कोलकाता की धरती, पूर्वी भारत और बांग्लादेश में भी महसूस हुआ कंपन

Earthquake In Kolkata: मंगलवार की रात पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात के समय अचानक धरती कांपने से शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

Kolkata trembled due to the earthquake in Myanmar tremors were also felt in Eastern India
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Earthquake In Kolkata: मंगलवार की रात पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात के समय अचानक धरती कांपने से शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. लोग डर के मारे अपने घरों, अपार्टमेंट्स और बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकल आए. कई जगहों पर लोग खुले मैदानों और सड़कों पर खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते नजर आए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग 5.9 दर्ज की गई, जिसे मध्यम से तेज श्रेणी का झटका माना जाता है.

अधिकारियों के अनुसार इस भूकंप का केंद्र भारत से सटे पड़ोसी देश म्यांमार में स्थित था. म्यांमार में आए इस झटके का असर पूर्वी भारत के कई हिस्सों में महसूस किया गया. कोलकाता के अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य इलाकों, पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों और पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी लोगों ने धरती हिलने की बात कही. भूकंप के झटके इतने स्पष्ट थे कि कई लोगों को नींद में ही कंपन महसूस हुआ और वे घबराकर जाग गए.

फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं

प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से बताया गया कि अब तक किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति को बड़े नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, भूकंप के झटकों से कुछ समय के लिए लोगों में दहशत जरूर फैल गई थी. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. नागरिकों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें.

भूकंप की तीव्रता और गहराई को लेकर क्या बोले वैज्ञानिक

यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता लगभग 5.9 दर्ज की गई. केंद्र का स्थान म्यांमार के अक्याब शहर से करीब 70 मील पूर्व बताया गया. वहीं जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के अनुसार यह भूकंप धरती की सतह से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था. वैज्ञानिकों के अनुसार कम गहराई पर आने वाले भूकंप अक्सर दूर-दराज के इलाकों तक महसूस किए जाते हैं, इसी वजह से इसके झटके भारत और बांग्लादेश तक पहुंचे.

कोलकाता के कई इलाकों में डोलते दिखे पंखे और लाइटें

भूकंप के दौरान कोलकाता के कई रिहायशी इलाकों में घरों के पंखे, लाइट्स और हल्का फर्नीचर हिलता हुआ नजर आया. कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे जमीन के नीचे से हल्का कंपन हो रहा हो. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 9:05 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए और यह कंपन करीब 10 से 15 सेकंड तक बना रहा. कई परिवारों ने एहतियातन अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर तुरंत बाहर निकलना बेहतर समझा.

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

भूकंप के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई यूजर्स ने लिखा कि उन्हें पहली बार इतने साफ तौर पर झटके महसूस हुए. कुछ लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा किसी भारी वाहन के गुजरने से इमारत हिल रही है, लेकिन कुछ ही सेकंड में समझ आ गया कि यह भूकंप है. कई पोस्ट्स में लोगों ने अपने-अपने इलाकों का जिक्र करते हुए कंपन महसूस होने की पुष्टि की.

म्यांमार में हाल के दिनों में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि

ईएमएससी के अनुसार पिछले करीब 71 घंटों के भीतर म्यांमार में यह तीसरा भूकंप दर्ज किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि म्यांमार भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं. हालांकि अभी तक इन हालिया झटकों से बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है.

बांग्लादेश में भी लगातार महसूस हो रहे झटके

सिर्फ म्यांमार ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश में भी हाल के दिनों में भूकंप की गतिविधियां दर्ज की गई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा मौका था जब वहां भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने बताया कि इससे पहले मंगलवार को ही इस क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया था.

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