Khoda Asad Encounter: गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का आखिरकार पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में अंत हो गया. कई दिनों से फरार चल रहा असद पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए इलाके से भागने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाकर उसे घेर लिया. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान असद ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
फरारी की तैयारी में था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या चौहान की हत्या के बाद से असद लगातार फरार चल रहा था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह किसी दूसरे स्थान पर भागने की योजना बना रहा था. इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी और इसी मकसद से वह खोड़ा कॉलोनी क्षेत्र में आने वाला था. पुलिस को जैसे ही इस सूचना की पुष्टि हुई, पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई. कई स्थानों पर बैरियर लगाकर वाहनों की जांच शुरू की गई और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाने लगी.
पुलिस को देखते ही शुरू कर दी गोलीबारी
शनिवार को पुलिस की कॉम्बिंग के दौरान असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर वसुंधरा की तरफ से आता दिखाई दिया. पुलिस टीम ने जब उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में चली गोली असद को लग गई. गंभीर रूप से घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया. हालांकि उसका साथी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है.
बरामद हुई बाइक और अवैध पिस्टल
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक बाइक और एक देशी पिस्टल बरामद की है. अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है. फरार साथी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं.
28 मई को हुई थी सूर्या चौहान की हत्या
गौरतलब है कि 28 मई को खोड़ा थाना क्षेत्र में सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया गया था. गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और पांच लोगों को आरोपी बनाया था.
तीन आरोपी पहले ही हो चुके थे गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन मुख्य आरोपी असद लगातार पुलिस की पकड़ से दूर था. उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई थीं और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था. अधिकारियों का कहना है कि असद की मौत के साथ इस बहुचर्चित हत्याकांड के मुख्य आरोपी का अध्याय समाप्त हो गया है, जबकि मामले से जुड़े बाकी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
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