भारत की हालिया कार्रवाई और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सख्त बयान के बाद पाकिस्तान में चिंता और डर का माहौल एक बार फिर गहरा गया है. इसी बेचैनी के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि भारत किसी भी समय सीमा पार कार्रवाई कर सकता है. पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान पहले ही दबाव में है, ऐसे में ख्वाजा आसिफ के बयान ने इस दहशत को और स्पष्ट कर दिया है.
एक टीवी कार्यक्रम में ख्वाजा आसिफ ने पुराने राग को दोहराते हुए भारत और अफगानिस्तान पर कई मनगढ़ंत आरोप लगा दिए. उन्होंने दावा किया कि अफगानिस्तान पाकिस्तान में घुसपैठ कर रहा है और भारत इसमें भूमिका निभा रहा है. इतना ही नहीं, आसिफ ने कहा कि सऊदी अरब, यूएई, ईरान और चीन जैसे देश सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए दबाव बना रहे हैं.काबुल पर भड़ास निकालते हुए उन्होंने अफगानिस्तान को “आतंकवादियों का अड्डा” तक बता दिया.
भारत की चेतावनी: ‘ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक ट्रेलर था’
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने बयान में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ एक झलक थी और अगर पाकिस्तान ने उकसाया तो भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र की तरह उसे सबक सिखाने में देर नहीं करेगा.भारतीय सेना प्रमुख के इसी बयान ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत के इरादों को नजरअंदाज नहीं कर सकता और भारत सीमा पार स्ट्राइक कर सकता है.
भारत से दोबारा डरने लगा पाकिस्तान
ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत नहीं चाहता कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान आपसी मुद्दों को सुलझाएं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दो मोर्चों पर उलझ सकता है और ऐसे वक्त में भारत वार करने की कोशिश कर सकता है.आसिफ ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान भारत पर किसी भी तरह भरोसा नहीं कर सकता और भारत ‘क्रॉस-बॉर्डर अटैक’ की योजना बना सकता है.
पाक सरकार की पोल अपने ही मुख्यमंत्री ने खोली
इसी बीच पाकिस्तान की फेडरल सरकार को उसके ही एक मुख्यमंत्री ने कठघरे में खड़ा कर दिया है. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के कुछ शक्तिशाली गुट “फर्जी आतंकवादी हमलों” से फायदा उठा रहे हैं.उन्होंने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया कि वह खैबर क्षेत्र में शांति बहाल होने नहीं देना चाहती और अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए आतंकवाद का ही इस्तेमाल करती है.
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफरीदी ने एक जिरगा में कहा कि पाकिस्तान आर्मी द्वारा पश्तून तहफ़ुज़ आंदोलन के सदस्यों का अपहरण किया गया, जो अफगानिस्तान के साथ शांतिपूर्ण कोशिशों को बाधित करने की सोची-समझी चाल थी.उन्होंने कहा "71 साल से पाकिस्तान पर राज कर रही मानसिकता आज भी शांति की दुश्मन है. ये लोग आतंकवाद को अपने फायदे के मुताबिक नियंत्रित करते हैं और जनता को डर में रखकर शासन चलाते हैं."
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा और अंदरूनी विद्रोह
सोहेल अफरीदी ने साफ किया कि प्रांत के लोग फर्जी आतंकवाद और सत्ता की बंद कमरों में होने वाली सौदेबाजी से तंग आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि जो भी खैबर पख्तूनख्वा की शांति बिगाड़ता है, वह वहां के लोगों का साझा दुश्मन है.अफरीदी के इस बयान ने पाकिस्तान के दावों की सच्चाई दुनिया के सामने रख दी है कि असल समस्या सीमा पार नहीं, बल्कि पाकिस्तान की अपनी राजनीति और फौजी ढांचे के भीतर छिपी है.
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