VV Rajesh Mayor Thiruvananthapuram: केरल में राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. लंबे समय से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के प्रभुत्व वाला राज्य, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए भी खुला है. तिरुवनंतपुरम नगर निगम के हालिया महापौर चुनाव में बीजेपी के वीवी राजेश निर्वाचित हुए, जिससे यह पहली बार हुआ कि किसी बीजेपी उम्मीदवार ने केरल में निगम का महापौर पद हासिल किया. इस जीत के साथ ही लगभग चार दशकों से चले आ रहे एलडीएफ शासन का दौर समाप्त हुआ.
बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम निगम के कुल 101 वार्डों में 50 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया. महापौर चुनाव में वीवी राजेश को एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन सहित कुल 51 वोट मिले. इसके मुकाबले एलडीएफ के उम्मीदवार पी शिवाजी को 29 वोट मिले, जबकि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के उम्मीदवार के एस सबरीनाथन को केवल 19 वोट मिले, जिनमें से दो बाद में अवैध घोषित कर दिए गए.
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On BJP's VV Rajesh elected Thiruvananthapuram mayor, Kerala BJP President, Rajeev Chandrasekhar says, "The CPM, with the support of implicit or behind-the-door support of the Congress, has run Thiruvananthapuram city to the ground.… pic.twitter.com/CvMDVl0Pbp
— ANI (@ANI) December 26, 2025
इस मौके पर निगम कार्यालय में बीजेपी के वरिष्ठ नेता, जैसे राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रन मौजूद रहे. वीवी राजेश ने शपथ लेते ही अपने शब्दों में कहा कि उनका काम अब शुरू हो चुका है और तिरुवनंतपुरम को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल करने का उनका लक्ष्य है.
नगर निगम की बदहाल स्थिति और बीजेपी का विज़न
बीजेपी के केरल अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पिछले 45 वर्षों में नगर निगम भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का प्रतीक बन चुका था. उन्होंने बताया कि जल निकासी, पानी की आपूर्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे बुनियादी मुद्दों की अनदेखी की गई. राजीव चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा उठाया और जनता ने उनकी बात मानी. नए महापौर वीवी राजेश का उद्देश्य शहर में समग्र विकास करना और इसे आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रशासन से जोड़ना है.
केरल के अन्य नगर निगमों में स्थिति
राज्य में कुल छह नगर निगम हैं. तिरुवनंतपुरम में बीजेपी ने पहली बार जीत हासिल की, जबकि यूडीएफ ने चार नगर निगमों पर कब्ज़ा किया. एलडीएफ केवल कोझिकोड नगर निगम में विजयी रही. कोल्लम नगर निगम में यूडीएफ के ए के हफीज महापौर बने, जबकि कोच्चि नगर निगम में चार बार पार्षद रही यूडीएफ की वी के मिनीमोल महापौर बनीं. त्रिशूर नगर निगम में यूडीएफ की डॉ. निजी जस्टिन महापौर चुनी गईं, हालांकि पार्षद लाली जेम्स ने नेताओं पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए इस निर्णय का विरोध किया. कन्नूर नगर निगम में भी यूडीएफ की पी इंदिरा महापौर बनीं.
#WATCH | Kerala: BJP State Secretary and Kodunganoor ward councillor VV Rajesh has been elected as the Mayor of Thiruvananthapuram Corporation, securing 51 votes.
— ANI (@ANI) December 26, 2025
For the first time in history, the Thiruvananthapuram Corporation has a BJP Mayor. He received the support of 50 BJP… pic.twitter.com/FPoa2p8GC5
राजनीतिक विश्लेषण और भविष्य की चुनौतियां
बीजेपी की यह जीत केवल एक शहर में ही सीमित नहीं है. यह केरल में पार्टी के लिए नई संभावनाओं का दरवाजा खोलती है. वीवी राजेश के नेतृत्व में तिरुवनंतपुरम में शहरी बुनियादी ढांचे, जल, स्वच्छता और विकास योजनाओं पर फोकस बढ़ सकता है. इसके अलावा, यह जीत बीजेपी के लिए राज्य में राजनीतिक पैठ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
इस ऐतिहासिक जीत से यह स्पष्ट है कि केरल में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं. अब सवाल यह है कि वीवी राजेश और बीजेपी अपने विज़न को किस हद तक साकार कर पाएंगे और तिरुवनंतपुरम को आधुनिक और सुसंगठित शहर में बदलने में कितनी सफलता हासिल करेंगे.
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