आगरा में क्षत्रिय करणी सेना ने राणा सांगा की जयंती के मौके पर ‘रक्त स्वाभिमान रैली’ निकाली गई. इस रैली के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विवादित बयान के बाद यह रैली और ज्यादा उग्र हो गई. रैली के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने तलवारें और चाकू लहराते हुए हंगामा किया और रामजीलाल सुमन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की.
पुलिस आई, लेकिन भीड़ देखकर पीछे हट गई
जब पुलिस कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, तो माहौल और तनावपूर्ण हो गया. करणी सेना के कार्यकर्ता पुलिस के सामने ही तलवारें और डंडे लहराने लगे, जिसके चलते पुलिस को वहां से पीछे हटना पड़ा. किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात है. इसी कड़ी में एडीसीपी संजीव त्यागी ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है.
उन्होंने बताया कि अब तक 1300 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. इतना ही नहीं एख कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स, आठ कंपनी पीएसी और बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान और अधिकारी सभा स्थल से लेकर सुमन के घर तक के पूरे रूट पर तैनात कर दिए गए हैं.
#WATCH करणी सेना ने उत्तर प्रदेश के आगरा में राणा सांगा की जयंती मनाने के लिए एक 'सम्मेलन' का आयोजन किया। pic.twitter.com/DfsFOhJA8S
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2025
करणी सेना ने की मांगें
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत की ओर से प्रशासन को साफ संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो अगला कदम वे खुद उठाएंगे. उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं-
रामजीलाल सुमन के घर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
करणी सेना के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे. संभावित हिंसा को देखते हुए पूरे आगरा में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. राणा सांगा की जयंती को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था. वहीं, रामजीलाल सुमन के घर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. फिलहाल आगरा शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.