JP Nadda: देशभर में पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के आंदोलनों के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष विस्तार से रखा. उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर गंभीर है और संसद में हर पहलू पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य, उनसे हुई मुलाकात और विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी.
दिल्ली | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "इस मामले पर संसद में चर्चा होगी। हम इस पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार हैं। हम संसद के मंच पर पेपर लीक से जुड़ी हर बात पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं...विपक्ष अपनी बात रखे, और सरकार जवाब देगी..." pic.twitter.com/BPFnoNJ5VF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 22, 2026
संसद को बताया सबसे उपयुक्त मंच
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार की शुरुआत से ही इच्छा रही है कि पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा हो. उन्होंने कहा कि चर्चा कितने समय तक चले, इसका फैसला विपक्ष करे. यदि विपक्ष चाहे तो 12 घंटे, 18 घंटे या उससे भी अधिक समय तक इस विषय पर बहस की जा सकती है. उन्होंने कहा कि संसद ही वह मंच है जहां सभी पक्ष मिलकर तथ्यों के आधार पर विचार कर सकते हैं और भविष्य के लिए प्रभावी नीति तैयार कर सकते हैं. उनका कहना था कि इस गंभीर मुद्दे का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं, बल्कि सार्थक संवाद से निकलेगा.
छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नड्डा ने कहा कि देश के बच्चे और युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर छात्रों के हित में सहयोग करे, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान खोजा जा सके. उन्होंने दोहराया कि सरकार छात्रों की हर चिंता को गंभीरता से सुनने और उसके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है.
सोनम वांगचुक से मुलाकात का किया जिक्र
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर पूछे गए सवाल पर जेपी नड्डा ने बताया कि उन्होंने अस्पताल जाकर उनका हालचाल जाना. उन्होंने कहा कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया था और उस समय वे आईसीयू में भर्ती थे, इसलिए बातचीत सीमित रही. नड्डा ने बताया कि उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने, मुख्यधारा में लौटने और युवाओं का सकारात्मक मार्गदर्शन करने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और वांगचुक द्वारा भेजे गए खुले पत्र का जवाब भी दिया जाएगा, ताकि आगे संवाद की प्रक्रिया जारी रह सके.
जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील
पेपर लीक मामले पर बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह जांच का विषय है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जांच का इंतजार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई पूरी तरह सामने आ जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना था कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश उचित नहीं है, क्योंकि इससे छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं होगा.
विपक्ष पर लगाए चयनात्मक राजनीति के आरोप
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह पेपर लीक के मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जहां विपक्षी दलों या उनके सहयोगियों की सरकारें हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे सभी राज्यों में हुई ऐसी घटनाओं पर समान रूप से आवाज उठानी चाहिए. नड्डा ने कहा कि सरकार हर तथ्य और जांच रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस पूरे मामले में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी.
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