इनोवेशन से आर्थिक विकास तक... जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को मिला 2024 का अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार

Nobel Prize in Economics 2025: इस साल अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है. यह पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को संयुक्त रूप से दिया गया है. इन तीनों अर्थशास्त्रियों को "इनोवेशन-ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ" यानी नवाचार-प्रेरित आर्थिक विकास की अवधारणा को समझाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया है.

Joel Mokyr Philippe Aghion and Peter Howitt awarded the 2024 Economics Nobel Prize
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Nobel Prize in Economics 2025: इस साल अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है. यह पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को संयुक्त रूप से दिया गया है. इन तीनों अर्थशास्त्रियों को "इनोवेशन-ड्रिवन इकोनॉमिक ग्रोथ" यानी नवाचार-प्रेरित आर्थिक विकास की अवधारणा को समझाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया है.

जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट ने अपनी रिसर्च के जरिए बताया है कि आर्थिक विकास में तकनीकी नवाचार और नई खोजों का क्या महत्व होता है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि नवाचार न केवल उत्पादकता बढ़ाने का जरिया है, बल्कि यह आर्थिक वृद्धि की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति भी है. उनका काम इस बात को उजागर करता है कि आर्थिक विकास में तकनीकी बदलाव किस तरह आर्थिक नीतियों, निवेश और संस्थागत सुधारों को प्रभावित करते हैं.

नीति निर्माण के लिए अहम सबक

इन शोधकर्ताओं ने यह भी बताया है कि सरकारें और नीति निर्माता किस तरह नवाचार को प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि आर्थिक वृद्धि तेज़ हो और दीर्घकालिक स्थिरता आए. इससे यह भी समझने में मदद मिलती है कि क्यों कुछ देशों में आर्थिक विकास तेजी से होता है जबकि अन्य देशों में यह धीमा रहता है.

संस्थान और राजनीतिक ढांचा

पिछले साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को दिया गया था. उनकी रिसर्च का केंद्र बिंदु था कि कैसे राजनीतिक संस्थान और शासन प्रणालियां आर्थिक विकास को प्रभावित करती हैं. इस बात पर विशेष जोर दिया गया था कि सही राजनीतिक ढांचा और मजबूत संस्थान कैसे समृद्धि को बढ़ावा देते हैं.

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में जारी प्रगति

पिछले और इस साल के पुरस्कार विजेताओं के काम से स्पष्ट होता है कि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और संस्थागत सुधार दोनों ही आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं. जहां पिछला साल संस्थानों पर फोकस करता है, वहीं इस साल का शोध नवाचार और तकनीकी प्रगति की भूमिका पर केंद्रित है.

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