Jaunpur Crime News: जौनपुर में सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले का पुलिस ने महज 14 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. जिस तरह से एक युवती की निर्मम हत्या कर उसके शव को टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग जगह फेंका गया था, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था. लेकिन तेज़ जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पुलिस की सक्रियता के चलते यह मामला जल्दी ही सुलझ गया. इस दौरान आरोपी और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल भी हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
काली पन्नी में मिला शव
यह घटना जौनपुर के मडियाहू थाना क्षेत्र के रानीपुर बाईपास के पास रविवार सुबह सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे काली पन्नी में लिपटा हुआ मानव शरीर का एक हिस्सा देखा. जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को दी गई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने तुरंत पहुंचकर शव के हिस्से को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. शव की स्थिति बेहद भयावह थी और शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है. शव के अन्य हिस्सों की तलाश के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में जांच तेज कर दी.
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से खुला हत्या का सुराग
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की. मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए पुलिस धीरे-धीरे आरोपी तक पहुंचने लगी. जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मृतका और आरोपी के बीच पहले से संपर्क था और किसी चैट को लेकर दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी. इन्हीं डिजिटल सुरागों ने पुलिस को उस व्यक्ति तक पहुंचाया, जो इस जघन्य वारदात के पीछे था.
वाराणसी से लाकर रची गई थी पूरी साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी हेमल खखरिया, जो मूल रूप से गुजरात के भावनगर का रहने वाला है, वर्तमान में मडियाहू कस्बे के टीचर्स कॉलोनी में रह रहा था. वह 4 जुलाई को युवती को वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र से अपने साथ लेकर आया था. पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच मोबाइल चैट देखने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया. पहले कहासुनी हुई और कुछ समय के लिए मामला शांत भी हो गया, लेकिन इसी तनाव ने आगे चलकर एक भयावह रूप ले लिया.
सोते वक्त गला रेतकर की गई हत्या
पुलिस जांच में यह सामने आया कि विवाद के बाद आरोपी ने रात में सोते समय युवती पर हमला कर दिया. उसने चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की, ताकि पहचान और सबूत मिटाए जा सकें. इसके लिए उसने बाजार से काली पन्नी खरीदी और गड़ासे की मदद से शव को कई हिस्सों में काट दिया. इसके बाद उसने अलग-अलग हिस्सों को पैक कर विभिन्न स्थानों पर फेंक दिया.
शव के टुकड़े अलग-अलग जगहों पर फेंके गए
आरोपी ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए शव के हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर फेंका. एक हिस्सा रानीपुर बाईपास के पास मिला, जबकि अन्य हिस्से रामनगर ब्लॉक मोड़ के आगे पुलिया के पास फेंके गए थे. उसकी कोशिश थी कि पहचान देर से हो और वह खुद को सुरक्षित रख सके. लेकिन पुलिस की तेजी और समन्वित कार्रवाई के कारण उसकी यह योजना ज्यादा देर तक नहीं चल सकी.
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल
जैसे ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिली कि एक शव का हिस्सा बरामद हो चुका है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, आरोपी घबरा गया. वह शव के बाकी हिस्सों को हटाने और छिपाने के लिए रात में निकल पड़ा. इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर दी. खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो आरोपी के दाहिने पैर में लगी. घायल अवस्था में उसे मौके से दबोच लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. उसने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे चैट को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला भावनात्मक तनाव, गुस्से और गलत फैसले का भयावह परिणाम है, जिसने एक युवा जिंदगी को खत्म कर दिया और एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया.
तेजी से कार्रवाई कर पुलिस ने सुलझाया मामला
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के कारण यह जटिल मामला मात्र 14 घंटे में सुलझा लिया गया. अधिकारी इस बात को बड़ी सफलता मान रहे हैं, हालांकि यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि डिजिटल विवाद किस तरह वास्तविक हिंसा में बदल सकता है.
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