किश्तवाड़ में भारी तबाही, अब तक 46 लोगों की मौत, 200 से अधिक लापता, राहत-बचाव कार्य जारी

Kishtwar Flash Flood: जम्मू-कश्मीर के शांत और धार्मिक आस्था से भरे पहाड़ी इलाके किश्तवाड़ में गुरुवार दोपहर अचानक आई एक प्राकृतिक आपदा ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया.

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Kishtwar Flash Flood: जम्मू-कश्मीर के शांत और धार्मिक आस्था से भरे पहाड़ी इलाके किश्तवाड़ में गुरुवार दोपहर अचानक आई एक प्राकृतिक आपदा ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. मचैल माता मंदिर की पवित्र यात्रा के दौरान, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी, तभी आसमान से कहर बरस पड़ा, चोशोटी गांव में बादल फटने से आए फ्लैश फ्लड ने पूरे इलाके को मलबे में तब्दील कर दिया.

तेज बारिश के बाद पहाड़ों से पानी और कीचड़ बहता हुआ गांव में घुस आया. कुछ ही पलों में कई घर, दुकानें और वाहन तबाह हो गए. श्रद्धालु बदहवास भागते नजर आए, और सुरक्षाकर्मी लगातार लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर हटाने की कोशिश करते रहे. घटनास्थल से आए भयावह वीडियो में तबाही की तस्वीरें साफ दिखाई दे रही हैं.

अब तक की स्थिति:

46 लोगों की मौत, जिनमें 2 CISF जवान भी शामिल हैं.

100 से अधिक लोग घायल.

200 से ज्यादा लोग लापता, जिनकी तलाश जारी है.

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं. सरिया मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है, जिससे राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं. मलबा और लगातार तेज बहाव भी राहत दल के लिए चुनौती बना हुआ है.

जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर मोर्चा संभाल लिया है. डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा और एसएसपी किश्तवाड़ स्वयं मौके पर मौजूद हैं. हेलीकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री पहुंचाने और फंसे हुए लोगों को निकालने पर विचार किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों के साथ केंद्र सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है. सभी जरूरी सहायता तुरंत पहुंचाई जा रही है.

गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. फारूक अब्दुल्ला ने इस आपदा को ग्लोबल वार्मिंग से जोड़ा और कहा कि अब सरकार को पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति बनानी होगी.

यात्रा पर रोक और हेल्पलाइन नंबर:

अस्थायी रूप से मचैल माता यात्रा को स्थगित कर दिया गया है ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए. प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है. प्रभावित लोग निम्नलिखित नंबरों पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं:

कंट्रोल रूम - पड्डर (चोशोटी से 15 किमी दूर):
📞 9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, 7006463710

जिला कंट्रोल रूम:
📞 01995-259555, 9484217492

किश्तवाड़ पुलिस कंट्रोल रूम:
📞 9906154100

क्या हम आपदा प्रबंधन के लिए तैयार हैं?

ऐसे हादसे यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि तीर्थयात्राओं और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में आपदा पूर्व चेतावनी और त्वरित राहत प्रबंधन की कितनी सख्त ज़रूरत है. प्राकृतिक आपदाएं रोकी नहीं जा सकतीं, लेकिन तैयारी और जवाबदेही से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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