जम्मू-कश्मीर में 100 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक, आखिर क्यों हुई ये कार्रवाई?

जम्मू-कश्मीर में सरकार अब सिर्फ ज़मीनी स्तर पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शांति के दुश्मनों से दो-दो हाथ कर रही है. हाल ही में प्रशासन ने 100 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है, जो डोडा और किश्तवाड़ जिलों में तनाव फैलाने की साजिश में लगे थे.

Jammu & Kashmir govt blocks 100+ social media handles for inciting violence
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\जम्मू-कश्मीर में सरकार अब सिर्फ ज़मीनी स्तर पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी शांति के दुश्मनों से दो-दो हाथ कर रही है. हाल ही में प्रशासन ने 100 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है, जो डोडा और किश्तवाड़ जिलों में तनाव फैलाने की साजिश में लगे थे. इनमें से कुछ अकाउंट्स पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे, जिससे पड़ोसी देश की नापाक कोशिशें एक बार फिर उजागर हो गईं.

जानकारी के मुताबिक, ये अकाउंट्स आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी को लेकर युवाओं को उकसाने का काम कर रहे थे. ये लोग उनकी गिरफ्तारी को मुद्दा बनाकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और भ्रम फैलाने वाला कंटेंट पोस्ट कर रहे थे, ताकि क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता पैदा हो सके.

पाकिस्तान से चल रही थी ‘डिजिटल जंग’

सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिन अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है, उनमें से कई हैंडल पाकिस्तान में बैठे आतंकी समूहों द्वारा संचालित किए जा रहे थे. ये ग्रुप लगातार घाटी में हिंसा और अस्थिरता को हवा देने की कोशिश कर रहे थे. सोशल मीडिया के ज़रिए अफवाहें फैलाकर लोगों को भड़काने की यह एक सोची-समझी रणनीति थी.

शांति भंग से पहले ही सरकार का तगड़ा एक्शन

सरकार ने स्थिति बिगड़ने से पहले ही तेजी से एक्शन लेते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर मौजूद इन 100 से ज्यादा अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा की आशंका को खत्म करने के लिए जरूरी था.

AAP विधायक मेहराज मलिक पर गंभीर आरोप

AAP की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मेहराज मलिक को जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने डोडा के उपायुक्त के साथ दुर्व्यवहार किया और उनका नाम हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी से भी जोड़ा जा रहा है. साथ ही, उन पर युवाओं को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए उकसाने का आरोप भी है. उनकी गिरफ्तारी के बाद कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले.

सोशल मीडिया पर कंट्रोल से ही बचेगी शांति

सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाके में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. जब इसका दुरुपयोग होने लगे, तो तुरंत कार्रवाई जरूरी हो जाती है. यही वजह है कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियंत्रण की नीति अपनाई है.

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