Rajouri IED Recovery: श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट के बाद जब पूरा जम्मू-कश्मीर सतर्कता की स्थिति में है, ऐसे माहौल में राजौरी जिले से सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. थानामंडी के बंगाई जंगल इलाके में लगभग 3 किलो IED मिलने से कुछ देर के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया, लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़े हमले को होने से पहले ही रोक दिया. यह ऑपरेशन बताता है कि सुरक्षा एजेंसियां जंगलों में छिपाए गए आतंकियों के हर छोटे-बड़े मॉड्यूल पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम थानामंडी के घने जंगलों में नियमित सर्च ऑपरेशन चला रही थी, तभी जवानों को संदिग्ध गतिविधि का सुराग मिला. तलाशी बढ़ाई गई तो झाड़ियों के बीच उन्हें 3 किलो का IED मिला. बम निरोधक दस्ता तुरंत मौके पर पहुँचा और विस्फोटक को नियंत्रित तकनीक के ज़रिए सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. पुलिस मान रही है कि यह विस्फोटक किसी बड़े हमले की योजना का हिस्सा था, जिसे समय रहते रोक लिया गया.
An IED recovered during a cordon and search operation was diffused by J&K police in the Thanamandi Area of Rajouri: J&K Police
— ANI (@ANI) November 15, 2025
नौगाम विस्फोट के एक दिन बाद मिली बरामदगी
यह बरामदगी ऐसे समय सामने आई है जब सिर्फ 24 घंटे पहले श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट ने पूरे प्रदेश को दहला दिया था. इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत, 32 से अधिक घायल, SIA, FSL और क्राइम विंग के अधिकारी शहीद हुए.
यह ब्लास्ट तब हुआ जब हाल ही में जब्त किए गए विस्फोटकों को सील करने की प्रक्रिया चल रही थी. PAFF नाम के संगठन ने जिम्मेदारी लेने की कोशिश की थी, लेकिन J&K DGP नलिन प्रभात ने इसे स्पष्ट रूप से “अनुचित दावा” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि यह एक “दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना” थी.
पुलिस जांच का वर्तमान अपडेट
नौगाम विस्फोट में SIA अधिकारी, तीन FSL अधिकारी, दो क्राइम विंग अधिकारी, दो रेवेन्यू अधिकारी और एक नागरिक टेलर ने अपनी जान गंवाई. धमाके ने पुलिस स्टेशन की संरचना को बुरी तरह प्रभावित किया और आसपास की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं.
वहीं दूसरी ओर, राजौरी में IED मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ जंगलों में छिपे अन्य संभावित मॉड्यूल की तलाश में जुट चुकी हैं. माना जा रहा है कि नौगाम हादसे के बाद आतंकी नेटवर्क ने सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की होगी, जिसे सुरक्षा बलों ने तुरंत रोक दिया.
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