El Mencho killed: मैक्सिको की सेना ने देश के सबसे कुख्यात ड्रग लॉर्ड, नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया. वह जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था और अमेरिका में फेंटेनिल सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात था. यह ऑपरेशन 22 फरवरी 2026 को जलिस्को राज्य के पहाड़ी इलाके तपालपा के पास हुआ, जहां अमेरिकी खुफिया जानकारी और एल मेंचो की गर्लफ्रेंड की निगरानी से उसके ठिकाने का खुलासा हुआ था.
मैक्सिको के रक्षा मंत्री जनरल रिकार्डो ट्रेविला ने 23 फरवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैसे मैक्सिकन मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एल मेंचो की गर्लफ्रेंड के करीबी सहयोगी पर निगरानी शुरू की थी. 20 फरवरी 2026 को, इस सहयोगी ने महिला को तपालपा के एक रूरल कंपाउंड में पहुंचाया, जहां एल मेंचो उससे मिलने के लिए आए थे.
कैसे पकड़ा गया एल मेंचो?
महिला ने एल मेंचो के साथ रात बिताई और 21 फरवरी को चली गईं, लेकिन एल मेंचो और उनके बॉडीगार्ड्स वहीं रहे. अमेरिकी इंटेलिजेंस से मिली अतिरिक्त जानकारी से उनके ठिकाने का पता चला, और इसके बाद अगले दिन मैक्सिकन फोर्सेस ने उस कंपाउंड को घेर लिया. कार्टेल के गनमैन ने फायरिंग शुरू कर दी और एल मेंचो को लेकर जंगल की ओर भागे. इस मुठभेड़ में एल मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई. इसके अलावा, दो बॉडीगार्ड्स भी मारे गए. ट्रेविला ने कहा, "दुर्भाग्यवश, वह रास्ते में ही मरे."
अमेरिका और मैक्सिको की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था एल मेंचो
एल मेंचो काफी समय से अमेरिका और मैक्सिको दोनों देशों की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था. अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था. CJNG, जो कि मैक्सिको का सबसे ताकतवर और हिंसक ड्रग कार्टेल माना जाता है, फेंटेनिल सप्लाई चेन में प्रमुख भूमिका निभाता था.
यह ऑपरेशन पूरी तरह से मैक्सिकन फोर्सेस ने अंजाम दिया था, और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने साफ किया कि इसमें अमेरिकी सैनिक शामिल नहीं थे, हालांकि अमेरिकी इंटेलिजेंस ने मदद दी थी. इस सफलता के बाद, मैक्सिको में कई जगहों पर बधाई दी गई, लेकिन इसके बाद जो घटनाएं घटीं, वे चिंता का कारण बनीं.
एल मेंचो की मौत के बाद उथल-पुथल
एल मेंचो की मौत के बाद, CJNG ने बदला लेने के प्रयास शुरू कर दिए. कुछ ही घंटों में, जलिस्को और अन्य इलाकों में कार्टेल के गुंडों ने रोड ब्लॉक्स किए, गाड़ियों को आग के हवाले किया, दुकानों पर हमला किया और सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की. जलिस्को में इस हिंसा में कम से कम 25 राष्ट्रीय गार्ड के सदस्य मारे गए, जबकि 30 से अधिक संदिग्ध कार्टेल सदस्य भी मारे गए. कई राज्यों में गिरफ्तारी अभियान चलाए गए और दर्जनों लोगों को पकड़ा गया.
इसके अलावा, एल मेंचो के कथित फाइनेंशियल चीफ, एल तुली, को भी एक अलग मुठभेड़ में मार गिराया गया. राष्ट्रपति शीनबाउम ने इस हिंसा के बाद कहा, "हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम मैक्सिको की जनता के लिए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करें. आज के हालात ज्यादा शांतिपूर्ण हैं."
ड्रग वॉर में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट
एल मेंचो की मौत, मैक्सिको के ड्रग वॉर में एक अहम मोड़ माना जा रहा है. CJNG के टूटने या नए लीडर के उभरने से और अधिक हिंसा हो सकती है, लेकिन मैक्सिकन सरकार का दावा है कि उसकी सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम हैं. सरकार का कहना है कि एल मेंचो की मौत से अमेरिका और मैक्सिको के ड्रग कंट्रोल सहयोग को और मजबूती मिल सकती है.
जलिस्को कार्टेल का भविष्य
एल मेंचो की मौत के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि CJNG का भविष्य क्या होगा. क्या कार्टेल के अंदर कोई नया लीडर उभरेगा, जो उसी तरह से माफिया साम्राज्य को चला सके, या फिर यह कमजोर हो जाएगा? किसी भी स्थिति में, यह स्थिति मैक्सिको में ड्रग्स के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है.
वर्तमान में, सरकार ने दावा किया है कि वे पूरी तरह से स्थिति पर काबू पा रहे हैं और इस तरह के ऑपरेशन्स से ड्रग माफिया के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल रही है. इस ऑपरेशन के बाद, यह साफ हो गया है कि मैक्सिको और अमेरिका दोनों देशों की सुरक्षा बल अब ज्यादा प्रभावी ढंग से ड्रग कार्टेल्स का मुकाबला कर रहे हैं.
अमेरिका और मैक्सिको के बीच सहयोग
एल मेंचो की मौत से अमेरिका और मैक्सिको के बीच ड्रग्स के खिलाफ चल रही लड़ाई में सहयोग और मजबूत हो सकता है. दोनों देशों के सुरक्षा बल अब ज्यादा संगठित और एकजुट होकर काम कर रहे हैं, और इस तरह के ऑपरेशन से माफिया नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल रही है.
इस सफलता से यह भी साबित होता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग और संयुक्त प्रयासों से ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में अहम सफलता मिल सकती है, और इससे भविष्य में भी ड्रग तस्करी पर काबू पाया जा सकता है.
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