बहावलपुर में फिर खड़ा हुआ जैश का अड्डा, ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने किया था तबाह, सरकार ने की फंडिंग?

पाकिस्तान के बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का वह ठिकाना फिर से तैयार कर लिया गया है, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था.

Jaish E Mohammed Bahawalpur base re-established destroyed during Operation Sindoor
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का वह ठिकाना फिर से तैयार कर लिया गया है, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था. सामने आई तस्वीरों में इमारत दोबारा बनी हुई दिखाई दे रही है और वहां गतिविधियां शुरू होने की जानकारी सामने आई है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य ठिकाना भी शामिल था.

इस परिसर को ‘मरकज सुभान अल्लाह’ के नाम से जाना जाता है. भारतीय हमले में इमारत को काफी नुकसान पहुंचा था. अब सामने आई तस्वीरों में इसका दोबारा निर्माण होता दिखाई दे रहा है.

गुंबद से लेकर मुख्य हॉल तक हुआ निर्माण

रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में क्षतिग्रस्त हुए इमारत के हिस्सों को दोबारा तैयार किया गया है. टूटे हुए गुंबदों का निर्माण फिर से किया गया है. मुख्य हॉल में नया प्लास्टर, पेंट और संगमरमर का फर्श लगाया गया है.

हमले के दौरान इमारत में हुए नुकसान और गड्ढों को भी भर दिया गया है. आसपास मौजूद कुछ पुरानी इमारतों को हटाकर उनकी जगह नई इमारतें बनाई गई हैं. इन इमारतों में संगठन से जुड़े लोगों के रहने की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है.

पाकिस्तान से फंड मिलने का दावा

खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इस पूरे निर्माण के लिए पाकिस्तान की ओर से आर्थिक मदद दी गई. रिपोर्ट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद को करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की राशि अलग-अलग किस्तों में मिली.

बताया गया है कि इसमें से करीब 11 करोड़ रुपये मुख्य हॉल के दोबारा निर्माण और मरम्मत पर खर्च किए गए. हालांकि, इस फंडिंग को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है.

भर्ती और प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बहावलपुर का यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद के लिए काफी अहम माना जाता है. यहां संगठन की भर्ती, प्रशिक्षण और दूसरी गतिविधियां चलने की बात सामने आती रही है.

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की खराब सेहत के बीच संगठन के कामकाज में उसके करीबी लोगों की भूमिका बढ़ी है. रिपोर्टों के मुताबिक, उसके भाई तलहा अल-सैफ और मोइनुद्दीन औरंगजेब संगठन की कई गतिविधियों को संभाल रहे हैं.

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