Jacqueline Fernandez News: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं.
अदालत ने इस मामले से जुड़े जबरन वसूली और संगठित अपराध के आरोपों पर भी संज्ञान लेते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले में ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है.
सुकेश ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किए हस्ताक्षर
सुनवाई के दौरान सुकेश चंद्रशेखर ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगाए गए आरोपों पर हस्ताक्षर किए. हालांकि, संगठित अपराध से जुड़े मामले में उन्होंने आरोपों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया.
वहीं, उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल ने विरोध दर्ज कराने के बावजूद संबंधित आरोपों पर हस्ताक्षर कर दिए. अदालत की कार्यवाही के दौरान यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा.
#WATCH | Rs. 200 crores money laundering case | Delhi: Advocate Anant Malik, counsel for Sukesh Chandrasekhar, says, "The court has framed formal charges against all the accused. All the accused have also signed the formal charges... The matter has now been committed for trial.… https://t.co/Y1wfiCaeWu pic.twitter.com/NLsDiXmZB5
— ANI (@ANI) June 3, 2026
अदालत ने आरोप तय कर आगे बढ़ाई प्रक्रिया
सुकेश चंद्रशेखर की ओर से पेश अधिवक्ता अनंत मलिक ने बताया कि अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. इसके साथ ही अब मामले की सुनवाई ट्रायल के अगले चरण में प्रवेश करेगी.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से जुड़े पहलुओं की सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जबकि प्रवर्तन निदेशालय से संबंधित मामले पर 16 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की गई है.
हाईकोर्ट में लंबित है एक याचिका
बचाव पक्ष के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर ने पहले अदालत में एक आवेदन दाखिल कर यह अनुरोध किया था कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी की चार्जशीट दाखिल होने तक आदेश सुरक्षित रखा जाए.
हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया. इसके बाद इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. यह याचिका फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है और इस पर सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित बताई गई है.
हस्ताक्षर से इनकार की वजह
बचाव पक्ष का कहना है कि सुकेश चंद्रशेखर ने अदालत को सूचित किया था कि जब तक हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह संगठित अपराध से जुड़े आरोपों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. इसी कारण उन्होंने केवल ईडी के मामले में आरोप स्वीकार करने संबंधी प्रक्रिया पूरी की, जबकि अन्य आरोपों पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की उगाही और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि अवैध रूप से हासिल धन का उपयोग विभिन्न माध्यमों से किया गया और वित्तीय लेन-देन को छिपाने की कोशिश की गई.
जांच के दौरान अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया था. एजेंसियों के अनुसार मामले में कथित आर्थिक लेन-देन और महंगे उपहारों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई थी.
ट्रायल पर टिकी सबकी नजर
देशभर में चर्चा का विषय बने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब अदालत की आगामी सुनवाई और ट्रायल प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं. आने वाले महीनों में गवाहों, दस्तावेजों और जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी.
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