तेल अवीव/गाजा: गाजा पट्टी में युद्ध की आग शांत होने के बजाय और भड़कने के संकेत दे रही है. इजरायली सेना (IDF) ने अब गाजा के मध्य स्थित शहर दीर अल-बला के निवासियों को जल्द से जल्द इलाका खाली करने का निर्देश दिया है. यह वही इलाका है जहां युद्ध से विस्थापित लाखों फिलिस्तीनी शरण लिए हुए हैं.
इजरायली सेना के अरबी प्रवक्ता लेफ्टिनेंट अविचाय अद्राई ने स्पष्ट कर दिया है कि दीर अल-बला के कई ब्लॉकों में सैन्य अभियान शुरू होने वाला है. इसका मतलब है कि यहां रह रहे हजारों-लाखों लोगों को एक बार फिर अनिश्चितता और विस्थापन का सामना करना पड़ेगा.
दीर अल-बला: अब अगला युद्धक्षेत्र?
दीर अल-बला अब तक इजरायली जमीनी हमलों से काफी हद तक बचा रहा था, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं. इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस इलाके में हमास का मजबूत आधार है, और यहीं बंधकों को भी रखा गया है. इसी दावे के आधार पर यहां सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई गई है.
इजरायली मीडिया वेबसाइट Ynet की रिपोर्ट के अनुसार, IDF दीर अल-बला में जमीनी हमले शुरू करने की तैयारी में है और इसके लिए दो ब्रिगेड और करीब दो महीने का समय लग सकता है. रणनीति यह है कि हमास द्वारा उपयोग की जा सकने वाली इमारतों को पहले बमबारी के ज़रिए नष्ट किया जाए, ताकि उनके ठिकानों को कमजोर किया जा सके.
शरणार्थियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी
गौर करने वाली बात यह है कि दीर अल-बला उन कुछ इलाकों में से है जहां युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारी संख्या में फिलिस्तीनियों ने शरण ली है. अब जब इजरायल इस क्षेत्र में भी सैन्य कार्रवाई का संकेत दे चुका है, तो पहले से विस्थापित हजारों लोगों को एक बार फिर नए ठिकाने की तलाश में भटकना पड़ेगा.
यह घटनाक्रम गाजा में बढ़ते मानवीय संकट को और गहरा करने वाला है. जहां पहले ही भोजन, पानी, दवा और आश्रय जैसी बुनियादी ज़रूरतों का भारी अभाव है, अब और अधिक लोग इस संकट से जूझते नज़र आएंगे.
हालिया गोलीबारी में 32 फिलिस्तीनी मारे गए
शनिवार को एक और भयावह घटना सामने आई जब गाजा के दक्षिणी हिस्से में इजरायली सेना की गोलीबारी में 32 फिलिस्तीनी मारे गए. ये लोग ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ (GHF) के वितरण केंद्रों के पास सहायता सामग्री लेने पहुंचे थे.
इसी तरह की घटनाओं में हाल के हफ्तों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जब वे राहत केंद्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. इससे इजरायल की सैन्य रणनीति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या मानवीय गलियारे वास्तव में सुरक्षित हैं?
20 महीने से जारी संघर्ष
गाजा में यह लड़ाई अक्टूबर 2023 में शुरू हुई थी, जब हमास ने दक्षिणी इजरायल पर हमला किया था. उसके जवाब में इजरायली सेना ने गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमले शुरू कर दिए. इस संघर्ष को अब करीब 20 महीने हो चुके हैं, और इसका अंत फिलहाल कहीं नज़र नहीं आ रहा.
संघर्ष में अब तक 57,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. वहीं, लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और कई क्षेत्रों में भूख और कुपोषण जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं.
वैश्विक समुदाय की प्रतिक्रिया
इजरायल के इस ताज़ा कदम को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई जा रही है. संयुक्त राष्ट्र और कई मानवीय संस्थाएं बार-बार चेतावनी दे रही हैं कि गाजा में हालात बेहद नाजुक हैं और यदि दीर अल-बला जैसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया तो पूर्ण मानवीय तबाही की स्थिति पैदा हो सकती है.
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