इजरायल और ईरान के बीच तनाव को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने ईरान के कुछ बड़े नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जिनमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ का नाम शामिल बताया गया है.
यह मामला उस समय का बताया जा रहा है जब अमेरिका युद्धविराम और शांति समझौते के लिए ईरान और अन्य देशों के बीच बातचीत कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों को चिंता थी कि अगर इजरायल यह हमला करता है तो बातचीत पूरी तरह टूट सकती है. इसी वजह से अमेरिका ने क्षेत्र के कुछ देशों को ईरान को पहले से सतर्क करने को कहा था.
ईरानी नेताओं को निशाना बनाने की बात
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल की योजना केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह ईरान के शीर्ष राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारियों को भी टारगेट करना चाहता था. इनमें कुछ ऐसे नाम भी बताए गए हैं जो अमेरिका के साथ बातचीत का हिस्सा थे.
पाकिस्तान दौरे के दौरान खतरे की आशंका
घटना उस समय और गंभीर हो गई जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के दौरे पर गया था. बताया गया कि वे एक विमान से लौट रहे थे और उस दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इसी वजह से पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमानों की मदद भी दी गई.
रास्ता बदलने और आपात लैंडिंग की स्थिति
सूचना मिलने के बाद ईरानी विमान को अचानक ईरान के मशहद शहर में उतारना पड़ा. यह इलाका पाकिस्तान सीमा के पास है. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल सड़क मार्ग से कई घंटे का सफर तय करके तेहरान पहुंचा.
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है. हालांकि अभी तक इस रिपोर्ट पर इजरायल या अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है.
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