मध्य-पूर्व में इजराइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब एक बार फिर विवादों के घेरे में है. ताज़ा रिपोर्टों ने इस संघर्ष का ऐसा पक्ष सामने लाया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीर सवालों के सामने खड़ा कर दिया है.
द गार्जियन की हालिया जांच के अनुसार इजराइल ने इस युद्ध के दौरान ऐसे क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल किया, जिन्हें दुनिया के अधिकांश देशों ने मानवीय खतरे की वजह से प्रतिबंधित कर रखा है. इन हमलों की वजह से लेबनान का दक्षिणी हिस्सा एक बार फिर विनाश की छाया में डूब गया है—गांव तबाह हैं, खेत उजड़ चुके हैं और हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
मलबों के बीच मिले प्रतिबंधित हथियारों के सबूत
रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण लेबनान के पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों में जो अवशेष मिले, वे इस पूरे मामले की पुष्टि करते हैं. सैन्य विशेषज्ञों ने दो प्रकार की क्लस्टर म्यूनिशन की पहचान की 155mm M999 ‘बराक एतान’ शेल और 227mm ‘राअम एतान’ गाइडेड मिसाइल. बराक एतान शेल में नौ सबम्यूनिशन होते हैं, जिनके फटते ही टंगस्टन के तकरीबन 1,200 घातक टुकड़े चारों ओर फैल जाते हैं. वहीं राअम एतान मिसाइल में 64 छोटे बम होने का दावा है, जो बड़े क्षेत्र में फैलकर तबाही की क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं. ये अवशेष बताते हैं कि प्रभावित इलाकों में किस स्तर का विनाश हुआ है और लोग किस डर के साये में जी रहे हैं.
क्लस्टर बम: संघर्ष के बाद भी मौत छोड़ जाने वाला हथियार
क्लस्टर म्यूनिशन को दुनिया में सबसे खतरनाक हथियारों में गिना जाता है. ये हवा में खुलकर दसियों छोटे बम एक विशाल क्षेत्र में गिराते हैं. लेकिन इनका सबसे भयावह पहलू यह है कि करीब 40% सबम्यूनिशन उसी समय नहीं फटते और लंबे समय तक जमीन में छिपे रहते हैं. वर्षों बाद भी इन्हें छूने मात्र से विस्फोट हो सकता है, जिससे बच्चों, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की मौतें होती रहती हैं. यही वजह है कि 124 देशों ने इन्हें प्रतिबंधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौता किया है, हालांकि इजराइल इस संधि का हिस्सा नहीं है.
इजराइल का रुख और अंतरराष्ट्रीय सवाल
इजराइली सेना ने रिपोर्ट में किए गए दावों की सीधे पुष्टि नहीं की, न ही इसे खारिज किया. उनका कहना है कि वे हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार वैध हथियारों का उपयोग करते हैं और नागरिकों को नुकसान से बचाने की पूरी कोशिश करते हैं. लेकिन जमीन पर मिले सबूतों और विनाश की तस्वीरों ने मानवाधिकार संगठनों को चिंतित कर दिया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे समूहों का कहना है कि क्लस्टर बम “जिम्मेदारी से” इस्तेमाल किए ही नहीं जा सकते, क्योंकि ये युद्ध के दौरान भी नागरिकों को मारते हैं और युद्ध खत्म होने के दशकों बाद भी.
2006 का जख्म आज भी ताजा
लेबनान के लोग इस नई रिपोर्ट को सिर्फ एक खुलासा नहीं, बल्कि पुराने घावों का ताजा होना मान रहे हैं. 2006 के युद्ध में इजराइल ने लेबनान पर लगभग 40 लाख क्लस्टर बम गिराए थे, जिनमें से करीब 10 लाख फटे ही नहीं. पिछले 18 वर्षों में इन अनफटे बमों ने 400 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है. अब नए क्लस्टर अवशेष मिलना वहां के लोगों के लिए डर और आक्रोश दोनों लेकर आया है.
यह भी पढ़ें: मिट गई दूरियां... ट्रंप के साथ डिनर पार्टी में शामिल हुए एलन मस्क, रिपब्लिकन पार्टी को देंगे फंडिंग