न मिसाइल, न बम, न गोला... अब लेज़र से रॉकेट जलाएगा इज़राइल! 'Iron Beam' बना सस्ता और खतरनाक हथियार

लगातार चारों ओर से घिरे रहने वाला इज़राइल अब युद्ध की तकनीक में नई क्रांति लेकर आया है. जिस देश ने दशकों से एक साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ी है, वो अब ऐसे हथियार बना रहा है जो कम लागत में दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचा सकें.

Israel Laser iron beam defence an destroy any rocket know its power
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लगातार चारों ओर से घिरे रहने वाला इज़राइल अब युद्ध की तकनीक में नई क्रांति लेकर आया है. जिस देश ने दशकों से एक साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ी है, वो अब ऐसे हथियार बना रहा है जो कम लागत में दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचा सकें. इसी कड़ी में इज़राइल ने अपने बहुप्रतीक्षित लेज़र डिफेंस सिस्टम ‘Iron Beam’ को पहली बार आधिकारिक रूप से तैनात करने की घोषणा कर दी है.

इज़राइल के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि Iron Beam ने हालिया परीक्षणों में मिसाइल, ड्रोन, मोर्टार और यहां तक कि विमानों को भी सफलतापूर्वक निशाना बनाया है. अब यह आधुनिक लेज़र हथियार 2025 के अंत तक इज़राइली सेना को सौंपा जाएगा.

महंगे इंटरसेप्टर की जगह सस्ती लेज़र बीम

जहां परंपरागत इंटरसेप्टर मिसाइलें एक लक्ष्य को मार गिराने में लगभग 40 लाख रुपये (50,000 डॉलर) तक खर्च करवा देती हैं, वहीं Iron Beam महज कुछ डॉलर में दुश्मन के रॉकेट को भस्म कर सकता है. यही वजह है कि इसे इज़राइल की सैन्य रणनीति में "आर्थिक क्रांति" माना जा रहा है.

मौजूदा सिस्टम से भी होगा तालमेल

Iron Beam को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह इज़राइल के पहले से मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम जैसे Iron Dome, David’s Sling और Arrow Systems के साथ समन्वय में काम कर सके. यह नया हथियार खासतौर पर उन छोटे और नज़दीकी दूरी के रॉकेट्स को नष्ट करने के लिए बना है जो आमतौर पर हमास, हिज़्बुल्लाह या हूती विद्रोहियों द्वारा दागे जाते हैं. इज़राइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बराम ने कहा, “यह पहली बार है जब कोई हाई-पावर लेज़र सिस्टम पूरी तरह से ऑपरेशनल हो पाया है.”

‘गेम-चेंजर’ साबित होगा Iron Beam

इस प्रणाली को मिलकर विकसित किया है Rafael Advanced Defense Systems और Elbit Systems ने. Rafael के चेयरमैन यूवल स्टेनिट्ज़ ने इसे आधुनिक युद्ध की दिशा बदल देने वाला कदम बताया है. वहीं Elbit के सीईओ बेजहलेल माचलिस ने संकेत दिए कि अगला कदम एयरबोर्न लेज़र डिफेंस सिस्टम होगा, यानी वो तकनीक जो आसमान से लेज़र हमला कर सके.

रॉकेट नहीं, राख होंगे दुश्मन के हथियार

जब भी किसी दुश्मन द्वारा नज़दीकी दूरी से हमला किया जाएगा, तो Iron Beam उसे उड़ान भरते ही नष्ट कर देगा – और वो भी बेहद सस्ते दाम पर. पारंपरिक हथियारों के मुकाबले इसकी कीमत न के बराबर होगी, जिससे इज़राइल की रक्षा लागत में भारी कटौती होगी और हमले रोकने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.

भारत भी पीछे नहीं है इस रेस में

भारत भी अब इस अत्याधुनिक लेज़र तकनीक में कदम रख चुका है. DRDO द्वारा विकसित किया गया 30 किलोवाट का लेज़र हथियार, 5 किलोमीटर तक की दूरी पर उड़ते ड्रोन्स, हेलीकॉप्टर और मिसाइल को हवा में ही खत्म कर सकता है. यह हथियार न केवल हमला रोकने में सक्षम है, बल्कि दुश्मन के सैटेलाइट और कम्युनिकेशन सिस्टम को भी जाम करने की ताकत रखता है. यह सिस्टम मोबाइल भी है – यानी इसे ज़रूरत पड़ने पर ज़मीन या जहाज दोनों पर आसानी से तैनात किया जा सकता है. भारत अब इस तकनीक को और मजबूत और प्रभावशाली बनाने के लिए अनुसंधान में जुटा है.

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