'झुको नहीं तो मिटा देंगे...', हमास की आंख में आंख डालकर इजरायल ने दी सख्त चेतावनी

मध्य-पूर्व में तनाव की आग एक बार फिर भड़क उठी है. करीब 22 महीनों से जारी इजरायल-हमास संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां गाज़ा सिटी की किस्मत अधर में लटक रही है.

Israel and Hamas war warning to accept terms either detroyed city
'झुको नहीं तो मिटा देंगे...'

मध्य-पूर्व में तनाव की आग एक बार फिर भड़क उठी है. करीब 22 महीनों से जारी इजरायल-हमास संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां गाज़ा सिटी की किस्मत अधर में लटक रही है.

इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज ने सीधी चेतावनी दी है. अगर हमास ने आत्मसमर्पण नहीं किया और सभी बंधकों को रिहा नहीं किया, तो गाज़ा सिटी का नामो-निशान मिटा दिया जाएगा.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद बड़ी सैन्य कार्रवाई तय

इजरायली सरकार ने गाज़ा सिटी पर एक व्यापक सैन्य अभियान की योजना को हरी झंडी दे दी है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस ऑपरेशन को मंजूरी दे दी है. हाल ही में उन्होंने गाज़ा डिविजन मुख्यालय का दौरा कर कहा "अब समय आ गया है कि इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) गाज़ा सिटी को हमास के कब्जे से पूरी तरह मुक्त कराए और सभी बंधकों को वापस लाया जाए." नेतन्याहू के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि इजरायल अब गाज़ा सिटी में अंतिम निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

हमास के सीजफायर प्रस्ताव को नेतन्याहू ने ठुकराया

इस बीच, कतर और मिस्र की मध्यस्थता से हमास ने एक 60 दिन के संघर्ष विराम प्रस्ताव की पेशकश की थी. इस समझौते के तहत हमास करीब आधे बंधकों को रिहा करने को तैयार था. हालांकि नेतन्याहू ने इसे खारिज करते हुए साफ कहा कि इजरायल सिर्फ तब युद्धविराम मानेगा जब सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा और हमास हथियार डाल देगा. इजरायली अधिकारियों का आकलन है कि करीब 50 बंधकों में से केवल 20 ही जीवित हैं. इसे लेकर नई बातचीत की संभावना बनी हुई है.

इजरायली रक्षा मंत्री की सख्त चेतावनी – ‘नर्क के दरवाजे खुलेंगे’

डिफेंस मिनिस्टर काट्ज ने सोशल मीडिया पर बेहद तीखा संदेश जारी करते हुए लिखा "बहुत जल्द हमास के आतंकियों पर नर्क के दरवाजे खुलेंगे. अगर उन्होंने हमारी शर्तें नहीं मानीं – यानी हथियार डालना और सभी बंधकों को लौटाना तो गाज़ा सिटी भी राफा और बेत हनौन की तरह मलबे में तब्दील हो जाएगी." गौरतलब है कि इससे पहले इजरायली हमलों में राफा और बेत हनौन पहले ही पूरी तरह तबाह हो चुके हैं.

गाज़ा की आम आबादी पर मंडराता खतरा

इजरायली सेना ने गाज़ा सिटी की करीब 10 लाख आबादी को दक्षिण की ओर सुरक्षित इलाकों में जाने का आदेश दिया है, ताकि सैन्य कार्रवाई से पहले शहर को खाली कराया जा सके. हालांकि, गाज़ा की हेल्थ मिनिस्ट्री ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं का जो थोड़ा-बहुत ढांचा बचा है, वह भी नष्ट हो जाएगा.

मानवीय संकट गहराता जा रहा है

संयुक्त राष्ट्र (UN) और कई अंतरराष्ट्रीय एनजीओ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि गाज़ा में हालात बेकाबू हो चुके हैं. लगातार बमबारी, सीमाओं की नाकेबंदी और भोजन की कमी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. UN की रिपोर्ट कहती है कि गाज़ा में बुनियादी ढांचा लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. IPC (फूड सिक्योरिटी पैनल) के अनुसार, गाज़ा में अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और लाखों लोग भूख से जूझ रहे हैं. हजारों नागरिक मारे जा चुके हैं और विस्थापन का संकट तेजी से बढ़ रहा है.

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