Israel Hamas Deal: इज़रायल और हमास ने गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को एक ऐतिहासिक मोड़ पर गाजा पट्टी में जारी भीषण संघर्ष को विराम देने की दिशा में कदम बढ़ाया. दोनों पक्षों ने एक सीज़फायर समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत हमास बंधकों को रिहा करेगा, और इज़रायल गाजा से आंशिक रूप से पीछे हटेगा. यह डील अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा पीस प्लान का पहला चरण मानी जा रही है.
दो साल पुराने युद्ध पर लगा ब्रेक
समझौते की पुष्टि मिस्र में हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद हुई. इस डील की घोषणा के साथ ही फिलिस्तीन और इज़रायल में लोगों ने राहत और उम्मीद के साथ जश्न मनाया. करीब दो साल से जारी इस संघर्ष में अब तक 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी जान गंवा चुके हैं, जिससे यह शांति पहल बेहद अहम बन जाती है.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बयान
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि यह समझौता उनकी सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल सरकार ने 24 घंटे के भीतर कैबिनेट बैठक बुलाकर इस पर अंतिम मुहर लगाने की बात कही है. इस मंजूरी के बाद गाजा में 72 घंटे के भीतर सभी इज़रायली बंधकों को रिहा किया जाएगा.
20 इज़रायली बंधकों की रिहाई तय
एक इज़रायली अधिकारी ने जानकारी दी कि 7 अक्टूबर 2023 को हमले के दौरान पकड़े गए सभी 20 बंधक ज़िंदा हैं और उन्हें रिहा किया जाएगा. हालांकि, इस समझौते के तहत इज़रायल द्वारा जिन फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा, उनकी सूची अब तक जारी नहीं की गई है. विशेष रूप से, प्रमुख फिलिस्तीनी नेता मारवान बरगौती को इस रिहाई सूची में शामिल नहीं किया गया है.
फिलिस्तीनी पक्ष की मांग
फिलिस्तीनी पक्ष का कहना है कि वे इज़रायल की जेलों में बंद कुछ प्रमुख दोषियों और हाल ही में गाजा संघर्ष के दौरान गिरफ्तार किए गए सैकड़ों लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं. हालांकि, इस सूची पर अंतिम फैसला अभी लंबित है.
ये भी पढ़ें: क्या अमेरिका से हमले का बदला लेंगे खामेनेई? ईरान बनाएगा 'विनाशकारी' मिसाइलें, नए आदेश से बढ़ी टेंशन