Iran China News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज शनिवार को ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता होने जा रही है. दोनों देश युद्ध विराम को मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे, लेकिन इस बीच एक नई खबर ने माहौल को और गंभीर बना दिया है. कहा जा रहा है कि चीन ने पहले ही इस बातचीत के नतीजों को लेकर अपनी सोच बना ली है और वह ईरान की मदद के लिए बड़ा कदम उठा सकता है.
जहां एक तरफ ईरान और अमेरिका बातचीत के जरिए हालात को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चीन की तैयारी कुछ और ही इशारा कर रही है. खबरों के अनुसार चीन को लगता है कि यह बातचीत ज्यादा सफल नहीं होगी, इसलिए वह पहले से ही अपनी रणनीति बना रहा है.
चीन की नई तैयारी
सूत्रों के मुताबिक चीन ईरान को नया हवाई सुरक्षा सिस्टम देने की तैयारी में है. यह सिस्टम ऐसा होता है जो दुश्मन के विमान को हवा में ही निशाना बना सकता है. अगर यह सिस्टम ईरान के पास पहुंच गया, तो अमेरिका के लिए हालात और मुश्किल हो सकते हैं.
अमेरिकी एजेंसियां हुईं सतर्क
अमेरिका की खुफिया एजेंसियों को इस बात की जानकारी मिली है कि आने वाले कुछ हफ्तों में चीन ईरान को यह सैन्य मदद दे सकता है. इस खबर के सामने आने के बाद वहां की एजेंसियां काफी सतर्क हो गई हैं.
दिलचस्प बात यह है कि चीन ने पहले दावा किया था कि उसने ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम करवाने में मदद की थी. लेकिन अब उसके इस नए कदम से सवाल उठ रहे हैं.
तीसरे देशों के रास्ते भेजे जा सकते हैं हथियार
रिपोर्ट के अनुसार चीन सीधे ईरान को हथियार नहीं भेजेगा, बल्कि तीसरे देशों के जरिए यह सामान पहुंचाया जा सकता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि असली स्रोत छिपा रहे. बताया जा रहा है कि जो सिस्टम भेजे जा सकते हैं, वे कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले छोटे मिसाइल सिस्टम होते हैं, जो नीचे उड़ने वाले विमानों के लिए खतरनाक माने जाते हैं.
पहले भी हुआ था इस्तेमाल
हाल ही में हुए संघर्ष के दौरान ऐसे ही हथियार काफी असरदार साबित हुए थे. अमेरिका के कुछ विमानों के लिए यह बड़ा खतरा बने थे. अगर फिर से तनाव बढ़ता है, तो ये हथियार एक बार फिर बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
चीन ने क्या कहा
चीन ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. चीन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं. उन्होंने कहा कि चीन हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है और शांति बनाए रखने की कोशिश करता है. साथ ही चीन ने अमेरिका से अपील की है कि बिना सबूत के ऐसे आरोप न लगाए जाएं और माहौल को और तनावपूर्ण न बनाया जाए.
ट्रंप का बड़ा संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि ईरान ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को कंधे से दागे जाने वाले मिसाइल से गिराया था. ईरान ने भी दावा किया था कि उसने नया हवाई सुरक्षा सिस्टम इस्तेमाल किया, लेकिन यह साफ नहीं हुआ कि वह सिस्टम किस देश का था. ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला कि इसमें चीन का हाथ हो सकता है.
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