क्या वाकई लंबे उपवास रखना है सेहत के लिए फायदेमंद या बढ़ाता है खतरा? जानिए पूरी सच्चाई

Lambe Vrat Ke Fayde: व्रत यानी उपवास... हमारे धर्म और संस्कृति में इसका विशेष स्थान है. कभी देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए तो कभी शारीरिक और मानसिक शुद्धि के लिए लोग उपवास रखते हैं.

Is long fasting really beneficial for health or does it increase the risk
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Lambe Vrat Ke Fayde: व्रत यानी उपवास... हमारे धर्म और संस्कृति में इसका विशेष स्थान है. कभी देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए तो कभी शारीरिक और मानसिक शुद्धि के लिए लोग उपवास रखते हैं. लेकिन अब व्रत केवल धार्मिक सीमाओं में नहीं बंधा रहा, बल्कि एक हेल्थ ट्रेंड बन चुका है. आज की फिटनेस और वेलनेस-फोक्सड दुनिया में इंटरमिटेंट फास्टिंग और लॉन्ग फास्टिंग जैसे शब्द आम हो गए हैं.

लोग इसे वेट लॉस, डिटॉक्सिफिकेशन और लाइफस्टाइल सुधारने के लिए आज़मा रहे हैं, लेकिन क्या वाकई लंबे समय तक भूखे रहना शरीर के लिए फायदेमंद है? और अगर हां, तो कितनी देर तक उपवास करना सुरक्षित माना जाता है? इस लेख में हम जानेंगे लंबे उपवास के फायदे, नुकसान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सही तरीका.

लंबे समय तक व्रत रखने के फायदे (Benefits of Long Fasting)

1. वजन घटाने में असरदार
जब आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते तो शरीर जमा हुए फैट को एनर्जी में बदलता है. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है, खासकर पेट की चर्बी कम करने में.

2. पाचन तंत्र को मिलती है राहत
हर वक्त कुछ न कुछ खाते रहने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर लोड बढ़ता है. व्रत रखने से पाचन तंत्र को ब्रेक मिलता है और यह खुद को रिपेयर करने लगता है.

3. ब्लड शुगर लेवल रहता है कंट्रोल में
फास्टिंग से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है. हालांकि, डायबिटिक पेशेंट को डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

4. दिल को मिलती है सुरक्षा
कई स्टडीज बताती हैं कि नियमित रूप से फास्टिंग करने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों में सुधार होता है, जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है.

5. दिमाग को मिलती है नई ऊर्जा
फास्टिंग के दौरान शरीर में केटोन बनते हैं, जो दिमाग को साफ ऊर्जा देते हैं. इससे एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता मिलती है.

लंबा व्रत रखने के नुकसान (Disadvantages of Long Fasting)

1. थकावट और ऊर्जा की कमी
लंबे उपवास से शरीर में ग्लूकोज की कमी हो सकती है, जिससे सिर दर्द, चक्कर, थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं.

2. लो ब्लड प्रेशर का खतरा
भोजन और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से ब्लड प्रेशर गिर सकता है, खासतौर पर उन लोगों में जिन्हें पहले से बीपी की समस्या है.

3. हार्मोनल असंतुलन
महिलाओं में अत्यधिक फास्टिंग से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और थायरॉइड या प्रजनन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं.

4. ओवरईटिंग की संभावना
कई बार लोग व्रत के बाद ज़रूरत से ज्यादा खा लेते हैं, जिससे फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है और वजन वापस बढ़ सकता है.

तो कितना लंबा व्रत रखना है सुरक्षित?

  • 16:8 फास्टिंग सबसे लोकप्रिय है, जिसमें 16 घंटे का उपवास और 8 घंटे का खाने का समय होता है.
  • 14 घंटे का व्रत शुरुआत करने वालों के लिए ठीक माना जाता है.
  • 24 घंटे से अधिक का उपवास तभी रखें जब डॉक्टर की सलाह हो और शरीर तैयार हो.

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