क्या ईरान से भारत के रिश्ते हुए खराब? आज से बंद होगी वीजा फ्री एंट्री; जानें क्यों लिया गया ऐसा फैसला

Iran India Visa Free Entery Stopped: भारत और ईरान के बीच रिश्ते हमेशा से मजबूत रहे हैं, लेकिन अब दोनों देशों के यात्रियों को लेकर एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है.

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Iran India Visa Free Entery Stopped: भारत और ईरान के बीच रिश्ते हमेशा से मजबूत रहे हैं, लेकिन अब दोनों देशों के यात्रियों को लेकर एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है. ईरान ने भारतीय नागरिकों को मिलने वाली वीज़ा ऑन अराइवल और वीज़ा-फ्री एंट्री की सुविधा को बंद कर दिया है. यह निर्णय द्विपक्षीय संबंधों में किसी तनाव का नतीजा नहीं, बल्कि भारतीय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.


पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में भारतीयों को फर्जी नौकरियों के नाम पर ईरान बुलाया गया, जहां उन्हें मानव तस्करी, ठगी और अपहरण जैसी गंभीर आपराधिक स्थितियों का सामना करना पड़ा. कई गैंग इस वीज़ा-फ्री नीति का गलत फायदा उठा रहे थे. भारतीय नागरिकों के बढ़ते शोषण और अपराधों को देखते हुए ईरान ने कदम उठाया और 22 नवंबर से यह सुविधा स्थगित कर दी.

फरवरी 2024 में शुरू हुई थी वीज़ा-फ्री मौजूदगी

पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से ईरान ने फरवरी 2024 में भारतीयों के लिए 15 दिनों की वीज़ा-फ्री एंट्री शुरू की थी, जो हर छह महीने में एक बार ही मिलती थी. यह नियम नौकरी, ट्रांजिट या किसी अन्य उद्देश्य के लिए मान्य नहीं था, लेकिन अपराधी गिरोहों ने इसी छूट का इस्तेमाल कर भारतीय युवाओं को जाल में फँसाना शुरू कर दिया.

भारत सरकार की सख्त एडवायजरी

भारत सरकार ने भी 17 नवंबर को चेतावनी जारी की थी कि कई भारतीयों को ‘नकली नौकरी’ या ‘दूसरे देश पहुँचाने’ के बहाने ईरान भेजा जा रहा है. वहां पहुँचते ही उन्हें अगवा कर लिया जाता है और परिवारों से भारी फिरौती मांगी जाती है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि वीज़ा-फ्री सुविधा के दुरुपयोग को रोकना आवश्यक था, इसलिए यह बदलाव स्वागत योग्य है. यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी एजेंट पर भरोसा न करें जो उन्हें आसान रास्ता दिखाकर ईरान भेजने का लालच दे.

हाल की घटनाओं से बढ़ी चिंता

मई 2025 में पंजाब के तीन युवकों—हूशनप्रीत सिंह, जसपाल सिंह और अमृतपाल सिंह—को ऑस्ट्रेलिया पहुंचाने का झांसा दिया गया, लेकिन ईरान पहुँचते ही उनका अपहरण कर लिया गया. अपराधियों ने परिवारों से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. भारत सरकार के दखल के बाद उन्हें बचाया जा सका. इसके अलावा सितंबर में भी मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया था कि ईरान में फर्जी नौकरी गिरोह तेजी से सक्रिय हो रहे हैं.

सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम

स्पष्ट है कि ईरान ने यह फैसला भारत के खिलाफ नहीं, बल्कि भारतीय यात्रियों को अपराध से बचाने के लिए उठाया है. अब किसी भी भारतीय को ईरान की यात्रा या ट्रांजिट के लिए पहले से वीज़ा लेना आवश्यक होगा. दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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