हमले में घायल हुए मुजतबा खामेनेई, इजराइल ने कहा था- जो भी ईरान का सुप्रीम लीडर बनेगा उसे खत्म करेंगे

ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला जब लंबे समय तक देश के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया.

Iran new Supreme Leader Mojtaba Khamenei injured in Israeli attack
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला जब लंबे समय तक देश के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया. नए नेता के चयन के साथ ही ईरान की सत्ता और सैन्य संस्थानों में नई ऊर्जा दिखाई देने लगी है.

नए सुप्रीम लीडर के पद संभालने के तुरंत बाद ही ईरान ने युद्ध के मोर्चे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए इजरायल के खिलाफ कई हमले किए. न्यूज आउटलेट ईरान इंटरनेशनल में दावा किया गया है कि मौजूदा युद्ध के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल भी हो चुके हैं, हालांकि यह घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.

नेतृत्व परिवर्तन के बाद बढ़ा आक्रामक रुख

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चयन तेजी से किया गया. इस निर्णय के बाद ईरान की इस्लामिक सरकार के समर्थकों के बीच उत्साह देखा गया.

नए नेतृत्व के साथ ही ईरान ने अपने विरोधियों के खिलाफ सख्त रुख दिखाना शुरू कर दिया. रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने इजरायल के कई ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं और साथ ही कुछ ड्रोन हमलों को भी अंजाम दिया.

इसके अलावा ईरान की ओर से सऊदी अरब की दिशा में भी ड्रोन लॉन्च किए जाने की जानकारी सामने आई है.

IRGC ने जताई पूरी निष्ठा

ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने नए सुप्रीम लीडर के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जताई है. संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सेना मोजतबा खामेनेई के आदेशों का पूरी तरह पालन करेगी.

IRGC ने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अमेरिका के साथ संभावित युद्ध में भी अपनी जान की कुर्बानी देने के लिए तैयार है. इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि नए नेतृत्व के तहत ईरान की सैन्य रणनीति और अधिक सख्त हो सकती है.

राजनीतिक नेताओं का समर्थन

ईरान की संसद के स्पीकर और कई वरिष्ठ नेताओं ने भी मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व का समर्थन किया है. देश की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने आधिकारिक घोषणा करते हुए नागरिकों से नए सुप्रीम लीडर के प्रति निष्ठा बनाए रखने और राष्ट्रीय एकता कायम रखने की अपील की.

वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को उम्मीद थी कि अली खामेनेई की हत्या के बाद देश कमजोर पड़ जाएगा. लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत नए नेता का चयन कर लिया गया है और देश मजबूती से खड़ा है.

मिसाइल हमलों का दावा

नए सुप्रीम लीडर की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने सैन्य कार्रवाई तेज कर दी. IRGC की ओर से जारी एक वीडियो में दावा किया गया कि इजरायल और क्षेत्र के अन्य लक्ष्यों की ओर कई मिसाइलें दागी गई हैं.

बताया गया कि इन हमलों में खोर्रमशहर, फतह, खैबर और कद्र जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है.

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने भी अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है. रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ने अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ ईरान के करीब तैनात करने का फैसला किया है.

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और संभावित सैन्य टकराव को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

खाड़ी देशों में भी हमलों की खबर

मध्य पूर्व के कई देशों से भी नए हवाई हमलों की जानकारी सामने आई है. बहरीन में ईरानी ड्रोन हमलों के बाद कम से कम 32 लोगों के घायल होने की खबर है.

कुवैत में एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया, जबकि कतर की सेना ने एक मिसाइल हमले को रोकने की बात कही है. इन घटनाओं से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंता और बढ़ गई है.

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