Indian Advisory: मिडिल ईस्ट एक बार फिर उबाल पर है और इस बार हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक ईरान में नजर आ रहे हैं. देश के भीतर जारी हिंसा, हजारों मौतों और सत्ता की सख्ती ने ईरान को मानो बारूद के ढेर पर ला बैठाया है. हालात इतने नाजुक हो चुके हैं कि जरा सी चिंगारी पूरे क्षेत्र को आग में झोंक सकती है. एक तरफ सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का कड़ा रुख है, तो दूसरी ओर अमेरिका की धमकियों ने तनाव को और गहरा कर दिया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 11 हजार लोगों की मौत के बाद भी ईरान में हालात संभलते नजर नहीं आ रहे हैं. सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं और सरकार तथा जनता के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. इस बढ़ती हिंसा ने न सिर्फ देश की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है.
Advisory for Indian nationals regarding travel to Iran
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) January 14, 2026
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खामेनेई का सख्त आदेश, प्रदर्शनकारियों पर मौत की तलवार
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने हालात को काबू में लाने के लिए बेहद कठोर कदम उठाए हैं. खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मौत की सजा का फरमान जारी कर दिया गया है. इस फैसले को सत्ता की ओर से आखिरी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन जानकार मानते हैं कि इससे हालात शांत होने के बजाय और भड़क सकते हैं.
ट्रंप का ऐलान और अमेरिकी हमले की आशंका
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है. ट्रंप ने खुले तौर पर ईरान के लोगों को ‘मदद भेजने’ की बात कही है. उनके इस आक्रामक ऐलान के बाद ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की चर्चाएं तेज हो गई हैं. मिडिल ईस्ट पहले ही कई मोर्चों पर तनाव झेल रहा है और ऐसे में अमेरिका-ईरान टकराव की आशंका ने पूरे क्षेत्र को अलर्ट मोड पर ला दिया है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, भारत भी सतर्क
ईरान में बिगड़ते हालात का असर अब दूसरे देशों पर भी दिखने लगा है. भारत ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है. भारतीय दूतावास ने साफ तौर पर कहा है कि जो भी भारतीय नागरिक ईरान में मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द देश छोड़ने की कोशिश करें.
स्टूडेंट्स से बिजनेसमैन तक सभी के लिए चेतावनी
यह एडवाइजरी सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं है. ईरान में पढ़ाई कर रहे छात्रों, कारोबार से जुड़े लोगों और वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित विकल्प तलाशने की अपील की गई है. दूतावास का यह कदम इस बात का संकेत है कि हालात किसी भी वक्त और बिगड़ सकते हैं.
एक चिंगारी और भड़क सकता है पूरा क्षेत्र
ईरान आज जिस मोड़ पर खड़ा है, वहां हर फैसला भारी पड़ सकता है. खामेनेई की सख्ती, ट्रंप की धमकी और अंतरराष्ट्रीय दबाव, इन सबके बीच आम जनता सबसे ज्यादा पिस रही है. मिडिल ईस्ट में पहले से फैले तनाव के बीच ईरान का यह संकट आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकता है.
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