स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खोला गया... ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान, जानें ट्रंप ने क्या कहा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से खोल दिया गया है. यह खबर वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, क्योंकि यह पानी का वह रास्ता है जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

Iran Foreign Minister annouced Strait of Hormuz fully opened
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तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से खोल दिया गया है. यह खबर वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, क्योंकि यह पानी का वह रास्ता है जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. अब सभी वाणिज्यिक जहाज इस मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध रूप से गुजर सकते हैं. यह निर्णय लेबनान में हाल ही में हुए सीजफायर के बाद लिया गया था, और इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया है.

नाकाबंदी जारी रहेगी जब तक 100% समझौता न हो

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब खुलेगा, लेकिन यह केवल उस स्थिति में प्रभावी रहेगा जब तक ईरान के साथ उनका समझौता पूरा नहीं हो जाता. ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट किया कि नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से ईरान के मामलों में लागू रहेगी, और तब तक बनी रहेगी जब तक दोनों देशों के बीच लेन-देन पूरी तरह से निष्पन्न नहीं हो जाता.

ईरान के लिए होर्मुज खोलने का निर्णय क्यों महत्वपूर्ण?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज से नाकाबंदी हटाने की घोषणा की थी, जिसमें चीन से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया था. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने उनकी बात मान ली थी और अब होर्मुज को खोलने का रास्ता तैयार हो गया था. ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने की सहमति बन चुकी थी. इस सहमति के तहत होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया गया. इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कुछ हद तक कम होने की संभावना है.

ईरान पर होर्मुज खोलने का दबाव बढ़ता जा रहा था. पेरिस में प्रस्तावित 40 देशों के सम्मेलन में फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के नेताओं के शामिल होने की संभावना थी, जिससे ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती थीं. ऐसे में ईरान ने होर्मुज को खोलने का फैसला लिया ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला न पड़े.

ओमान द्वारा होर्मुज के रास्ते पर टोल वसूलने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया था, जिसके बाद ईरान पर और अधिक दबाव बढ़ा. ओमान का यह कदम ईरान के लिए एक और कारण बना, जिससे उसे होर्मुज को खोलने का निर्णय लेना पड़ा.

होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक संकरी समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है. यह रास्ता फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है और यहां से लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति होती है. इस जलडमरूमध्य से कतर, सऊदी अरब, यूएई, इराक, बहरीन जैसे देशों का तेल दुनिया भर में भेजा जाता है. ईरान इस 34 किमी लंबे जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण रखता है, और इसी कारण से यह क्षेत्र वैश्विक राजनीति का एक केंद्र बन चुका है.

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