IPS Rajeev Sharma: राजस्थान पुलिस को आखिरकार अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है. 1990 बैच के अनुभवी और सुलझे हुए आईपीएस अधिकारी राजीव शर्मा को राज्य सरकार ने प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया है. लंबे वक्त से इस पद की स्थायी नियुक्ति का इंतजार था, जो अब पूरा हो गया है. आज ही रवी प्रकाश मेहरड़ा के रिटायरमेंट के कुछ घंटे बाद उनकी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया.
केंद्र की मंजूरी के बाद हुआ रास्ता साफ
राज्य सरकार ने राजीव शर्मा को वर्तमान केंद्रीय पद से मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. जैसे ही केंद्र से हरी झंडी मिली, शर्मा की नियुक्ति की प्रक्रिया तुरंत पूरी कर दी गई. अब वे 1 जुलाई को जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में बतौर डीजीपी कार्यभार संभालेंगे.
ईमानदारी और अनुशासन के प्रतीक
राजीव शर्मा की छवि एक ईमानदार, अनुशासनप्रिय और जनता से जुड़ने वाले अफसर की रही है. उन्होंने बीकानेर और भरतपुर रेंज में बतौर आईजी और कई महत्वपूर्ण जिलों में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं. उन्होंने झालावाड़, दौसा, राजसमंद, जयपुर ट्रैफिक, भरतपुर और जयपुर जैसे संवेदनशील जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूती दी है. वे इससे पहले राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीजी रह चुके हैं.
सीनियरिटी को मिला सम्मान
बता दें, राजीव कुमार शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा से हैं और उन्हें पुलिस और प्रशासन में व्यापक अनुभव है. उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें 2014 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था. सरकार ने इस नियुक्ति में सीनियरिटी को महत्व दिया है. यह कदम पुलिस विभाग में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. वरिष्ठता के आधार पर जिम्मेदारी सौंपना न केवल अधिकारियों में विश्वास बढ़ाता है, बल्कि प्रशासनिक संतुलन भी कायम रखता है.
पुलिस महकमे में उत्साह की लहर
राजीव शर्मा की नियुक्ति से पुलिस विभाग में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखी जा रही है. विभाग के अधिकारियों का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता, पारदर्शी कार्यशैली और अनुशासनप्रिय रवैया पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा.
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