Rasikh Salam RCB: आईपीएल की शुरुआत से ही यह मंच युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मौका रहा है. इस प्रतियोगिता ने भारत ही नहीं, दुनिया को भी कई शानदार खिलाड़ी दिए हैं.
लेकिन किसी नए खिलाड़ी पर भरोसा करना आसान नहीं होता. कई बार मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलता, बल्कि समय लगता है. ऐसी ही कहानी है रसिख सलाम की, जो इस समय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर से आया यह तेज गेंदबाज
26 साल के रसिख सलाम घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलते हैं. उनका आईपीएल सफर साल 2019 में शुरू हुआ था, जब मुंबई इंडियंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था. उस समय उन्हें सिर्फ एक ही मुकाबला खेलने का मौका मिला और अगले ही साल उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. इसके बाद साल 2022 में उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलने का मौका मिला, लेकिन वहां भी वह सिर्फ दो मुकाबले ही खेल पाए.
इसके बाद उन्हें वहां से भी बाहर होना पड़ा. साल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन पर भरोसा जताया. उन्होंने 8 मुकाबलों में 9 विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद टीम ने उन्हें अगले सत्र से पहले छोड़ दिया. इस तरह बार-बार टीम बदलने के कारण उनका सफर आसान नहीं रहा.
आखिरकार मिला भरोसा
साल 2025 के बड़े नीलामी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. उस समय उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन टीम ने उन पर भरोसा बनाए रखा और अगले सत्र के लिए भी उन्हें अपने साथ रखा.
रसिख ने इस भरोसे को बेकार नहीं जाने दिया. आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. अब तक खेले गए मुकाबलों में वह 5 विकेट ले चुके हैं. खास बात यह रही कि 15 अप्रैल को लखनऊ के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट लिए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई.
क्या बनाता है उन्हें खास
रसिख सलाम की गेंदबाजी में सबसे खास बात उनकी समझदारी और विविधता है. वह सिर्फ तेज गेंद ही नहीं डालते, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपनी गति बदलते हैं. लखनऊ के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 24 गेंदों में से करीब 10 गेंदें धीमी गति की डालीं, जिससे बल्लेबाजों को परेशानी हुई. उनकी यही समझ और धैर्य उन्हें खास बनाती है. यही वजह है कि अब वह टीम के मुख्य गेंदबाजों में गिने जाने लगे हैं.
संघर्ष से सफलता तक का सफर
रसिख का सफर आसान नहीं रहा. कई बार टीम से बाहर होना, कम मौके मिलना और फिर खुद को साबित करना, यह सब उन्होंने झेला है. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. आज वही मेहनत रंग ला रही है और वह अपनी टीम के लिए अहम खिलाड़ी बन चुके हैं.
रसिख सलाम की कहानी यह बताती है कि अगर मेहनत और धैर्य बना रहे, तो देर से ही सही, सफलता जरूर मिलती है. आने वाले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर सभी की नजर बनी रहेगी.
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