खुशखबरी! 25 कंपनियां UP में करेंगी 6,500 करोड़ का इंवेस्टमेंट, CM योगी के सामने किए पेश निवेश प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में देश-विदेश की 25 प्रमुख कंपनियों के 45 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

Investment proposals worth Rs 6500 crore presented to UP CM Yogi
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में देश-विदेश की 25 प्रमुख कंपनियों के 45 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. यह बैठक राज्य के भविष्य के विकास योजनाओं, औद्योगिक माहौल और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित थी. योगी सरकार ने इस बैठक के माध्यम से राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी नीतियों और विकासात्मक दृष्टिकोण पर गहरी चर्चा की.

उत्तर प्रदेश में निवेश की नई दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में विशेष रूप से उन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं. इसमें वित्त, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, बेवरेज और फार्मा जैसे विविध क्षेत्रों के प्रमुख सीईओ, निदेशक और उच्च प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना था.

प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और उनका विस्तार करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव रखे. इन प्रस्तावों में विनिर्माण, अक्षय ऊर्जा, बायो रिफाइनरी, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकती हैं. इसके अलावा, इन योजनाओं से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद भी जताई जा रही है.

पुराने धारणाओं को चुनौती देते हुए नए उत्तर प्रदेश की दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश की नई छवि को समझने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि राज्य में कई दशकों तक राजनीतिक अस्थिरता और नकारात्मक धारणाओं के कारण राज्य की छवि देशभर में खराब बनी रही. लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और राज्य में एक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध वातावरण स्थापित किया गया है.

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हर तीसरे दिन दंगे होते थे और राज्य के लगभग 50 जिलों में रात के समय महिलाएं और बेटियां सुरक्षित घर लौटने में असमर्थ थीं. लेकिन राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद यह संकल्प लिया कि इस अराजकता को खत्म किया जाएगा. परिणामस्वरूप आज राज्य में कोई दंगा नहीं हुआ है, न ही एक दिन का कर्फ्यू लगा है, और प्रदेश पूरी तरह से माफिया मुक्त हो चुका है.

प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक पहचान

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक सुरक्षित और व्यवस्थित राज्य ही निवेशकों को आकर्षित कर सकता है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की छवि में इस बदलाव का श्रेय सरकार द्वारा की गई नीतिगत सुधारों और प्रशासनिक कार्रवाई को जाता है. उनके अनुसार, जब तक समाज और राज्य सुरक्षित नहीं होते, तब तक पूंजी का प्रवाह भी सुरक्षित नहीं हो सकता. मुख्यमंत्री ने कहा, "अब वक्त आ गया है कि उत्तर प्रदेश को न सिर्फ एक राज्य के रूप में, बल्कि एक निवेश हब के रूप में देखा जाए." उन्होंने राज्य के औद्योगिक माहौल में सुधार के लिए किए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को अब एक नई दिशा और स्थिरता मिल चुकी है, जो इसे देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में से एक बना सकती है.

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