चोटों ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, CoE में 13 खिलाड़ियों का चल रहा इलाज, कौन कब होगा फिट?

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय चोटों की बड़ी समस्या से गुजर रही है. टीम के मौजूदा खिलाड़ियों और भविष्य की योजनाओं में शामिल कुल 13 खिलाड़ी इस वक्त बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और अभ्यास के जरिए वापसी की तैयारी कर रहे हैं.

Injuries add to Team India worries 13 players are currently undergoing treatment
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

Team India Injury: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय चोटों की बड़ी समस्या से गुजर रही है. टीम के मौजूदा खिलाड़ियों और भविष्य की योजनाओं में शामिल कुल 13 खिलाड़ी इस वक्त बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और अभ्यास के जरिए वापसी की तैयारी कर रहे हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चिकित्सा टीम इन सभी खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नजर रख रही है.

चोटों का असर भारत के मौजूदा कार्यक्रम पर भी दिखाई दे रहा है. श्रीलंका दौरे के लिए भी कई अहम खिलाड़ी चोट की वजह से टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा खिलाड़ी भी इस समय मैदान से बाहर हैं.

कौन-कौन से खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं?

इस समय जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, नितीश कुमार रेड्डी, साई सुदर्शन, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर जैसे अहम खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी चोट से उबर रहे हैं. इनके अलावा आकाशदीप, हिमांशु सिंह, अशोक शर्मा, सुयश शर्मा, युद्धवीर सिंह और रियान पराग भी उपचार और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजर रहे हैं.

हर खिलाड़ी की चोट अलग है और इसी वजह से सभी के लिए वापसी की योजना भी अलग-अलग रखी गई है.

बुमराह की वापसी पर अभी तस्वीर साफ नहीं

जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद 30 जुलाई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे. उनके बाएं घुटने में परेशानी सामने आई है. इसी कारण वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं.

फिलहाल बुमराह अपनी ताकत और शरीर की फिटनेस पर काम कर रहे हैं. उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं हुई है. भारत के लिए उनकी फिटनेस सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल हैं.

हार्दिक की हालत में सुधार, फिर भी सावधानी जरूरी

हार्दिक पंड्या को बाईं जांघ की मांसपेशी में चोट लगी थी. उन्होंने गेंदबाजी और दूसरे अभ्यास में अच्छी वापसी की थी और 80 से 90 प्रतिशत गति के साथ सप्ताह में 12 से 15 ओवर तक गेंदबाजी कर रहे थे.

इसी दौरान उनके दाहिने पैर की पिंडली में दर्द शुरू हो गया. जांच में कोई बड़ी समस्या नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर उनकी दौड़ रोक दी गई थी. अब उन्होंने दोबारा दौड़ना शुरू कर दिया है और उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी जा रही है.

नितीश रेड्डी तेजी से कर रहे वापसी की तैयारी

नितीश कुमार रेड्डी बाईं जांघ की चोट से उबर रहे हैं. उनकी रिकवरी अच्छी चल रही है और वह अब वापसी के अगले चरण में पहुंच चुके हैं.

उन्होंने पिछले सप्ताह 16 ओवर गेंदबाजी की थी. इसके साथ ही वह तेज दौड़ने का अभ्यास भी कर रहे हैं. उनकी प्रगति को देखते हुए जल्द ही उनके अभ्यास का स्तर और बढ़ाया जा सकता है.

साई सुदर्शन ने शुरू किया बल्लेबाजी अभ्यास

साई सुदर्शन ने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का अभ्यास शुरू कर दिया है. उन्होंने नेट्स में करीब 75 मिनट बल्लेबाजी की और दौड़ने का अभ्यास भी किया.

हालांकि, उनके चोटिल पैर के अंगूठे में अभी दर्द बना हुआ है. लगातार दो दिन बल्लेबाजी और दौड़ने के अभ्यास के बाद उनकी स्थिति का दोबारा जांच के जरिए आकलन किया जाएगा.

हर्षित राणा और सुंदर भी रिहैब में

हर्षित राणा दाहिनी जांघ की मांसपेशी की चोट से उबर रहे हैं. वह 20 जुलाई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे. अब उनकी फिटनेस और शरीर की ताकत में सुधार पर काम किया जा रहा है. उनके गेंदबाजी अभ्यास को भी धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी है.

वॉशिंगटन सुंदर भी दाहिनी जांघ की चोट के कारण मैदान से बाहर हैं. उन्होंने अब हल्की दौड़ शुरू कर दी है और फिटनेस से जुड़े अभ्यास कर रहे हैं. उनकी ताकत और शरीर के संतुलन में सुधार देखा गया है. आने वाले हफ्तों में उनके अभ्यास का भार धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा.

वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी शुरू

वरुण चक्रवर्ती की बाईं जांघ की मांसपेशी में चोट लगी है. फिलहाल वह एक जगह से गेंदबाजी करते हुए छह ओवर तक अभ्यास कर रहे हैं. अगले चरण में उन्हें बल्लेबाजों के सामने आठ ओवर गेंदबाजी कराने की योजना है.

इसके साथ ही उन्हें तेज दौड़ने, अचानक दिशा बदलने और ताकत बढ़ाने वाले अभ्यास से गुजरना होगा. उनकी वापसी में सबसे अहम बात यह होगी कि शरीर ज्यादा भार को कितनी अच्छी तरह संभाल पाता है.

आकाशदीप भी वापसी की राह पर

आकाशदीप पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण मैदान से बाहर हुए थे. अब उन्होंने शुरुआती पुनर्वास पूरा कर लिया है और धीरे-धीरे क्रिकेट से जुड़े अभ्यास की ओर बढ़ रहे हैं.

उनका वापसी कार्यक्रम सही दिशा में चल रहा है और अब उनका ध्यान वास्तविक क्रिकेट गतिविधियों के भार को संभालने पर है.

हिमांशु सिंह ने शुरू की गेंदबाजी

मुंबई के तेज गेंदबाज हिमांशु सिंह दाहिने घुटने की चोट के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं. उन्होंने 28 जुलाई से एक जगह खड़े होकर गेंदबाजी का अभ्यास शुरू किया और इस दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

आने वाले हफ्तों में उनकी गेंदबाजी और फिटनेस का अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा.

अशोक शर्मा की चोट सबसे गंभीर

13 खिलाड़ियों में अशोक शर्मा की चोट को सबसे गंभीर माना जा रहा है. 26 जुलाई को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच के बाद उनकी पीठ के निचले हिस्से में तेज खिंचाव महसूस हुआ था.

इसके बाद उनकी जांच कराई गई और रिपोर्टें न्यूजीलैंड के रीढ़ की हड्डी के विशेषज्ञ डॉक्टर को भी भेजी गईं. जांच में पीठ के निचले हिस्से की हड्डी में गंभीर तनाव वाली चोट और बाईं 11वीं पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. ऐसे में उनकी वापसी में काफी समय लग सकता है.

सुयश शर्मा घुटनों की समस्या से परेशान

पिछले आईपीएल के बाद से गेंदबाजी नहीं कर रहे सुयश शर्मा के दोनों घुटनों में समस्या पाई गई थी. शुरुआती इलाज से पर्याप्त फायदा नहीं मिलने के बाद 28 जुलाई को उन्हें पीआरपी उपचार दिया गया.

फिलहाल वह तय कार्यक्रम के अनुसार पुनर्वास कर रहे हैं और घुटनों की ताकत बढ़ाने पर काम किया जा रहा है.

युद्धवीर और रियान पराग भी बाहर

युद्धवीर सिंह के दाहिने कंधे की परेशानी में अब सुधार आया है. वह पूरे शरीर की ताकत बढ़ाने वाले अभ्यास के साथ कंधे के लिए जरूरी पुनर्वास कर रहे हैं. हालांकि, मैदान पर उनकी वापसी में अभी कुछ समय लग सकता है.

रियान पराग दाहिने कंधे की सर्जरी के बाद धीरे-धीरे फिटनेस हासिल कर रहे हैं. उन्होंने ताकत और फिटनेस बढ़ाने का कार्यक्रम शुरू कर दिया है, लेकिन अभी बल्लेबाजी और गेंदबाजी शुरू करने की कोई तय तारीख नहीं है.

भारत के लिए बढ़ी चिंता

एक साथ 13 खिलाड़ियों का चोटिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी चिंता का विषय है. इनमें बुमराह, हार्दिक, सुंदर, सुदर्शन और वरुण जैसे खिलाड़ी टीम की मौजूदा योजनाओं में अहम भूमिका रखते हैं, जबकि कई युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है.

अब भारतीय टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी कोशिश यही होगी कि खिलाड़ी पूरी तरह फिट होकर ही मैदान पर लौटें. जल्दी वापसी के बजाय चोट दोबारा न हो, इसे प्राथमिकता दी जा रही है. आने वाले महीनों में इन खिलाड़ियों की फिटनेस भारत की टीम संयोजन और भविष्य की योजनाओं पर बड़ा असर डाल सकती है.

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