भारत अब आधुनिक वायुशक्ति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की ओर तेजी से बढ़ रहा है. देश का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान (5th Generation Fighter Jet) AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भारतीय वायुसेना को भविष्य की युद्ध रणनीतियों के लिए तैयार करना और चीन जैसे पड़ोसी देशों की सैन्य बढ़त को चुनौती देना है.
AMCA, यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर जेट परियोजना है. इसका विकास DRDO की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा किया जा रहा है, और इसमें कई भारतीय कंपनियां भी साझेदारी के लिए आगे आ रही हैं. AMCA न केवल आधुनिक तकनीकों से लैस होगा, बल्कि इसमें स्टील्थ फीचर्स, सुपरसोनिक क्रूज़, अत्याधुनिक एवियोनिक्स, इंटरनल वेपन बे, और एआई-बेस्ड वॉरफेयर सिस्टम जैसे विशेषताएं भी होंगी.
तेजी से हो रहा विकास कार्य
भारत सरकार और DRDO इस परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देना चाहते. यही कारण है कि तय समय से पहले ही कई गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है. ADA ने जून 2025 में इस परियोजना के लिए रुचि पत्र (Expression of Interest – EOI) जारी किया था. इसके जवाब में देश की सात प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने इस परियोजना में भाग लेने की इच्छा जताई है.
इन कंपनियों में शामिल हैं:
मूल्यांकन प्रक्रिया: तेज़ और पारदर्शी
AMCA परियोजना में भाग लेने वाली इन कंपनियों की क्षमताओं का मूल्यांकन दो चरणों में होगा:
यह पूरी प्रक्रिया अगले एक महीने में पूरी होने की संभावना है. उसके बाद सरकार रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (RFQ) जारी करेगी, जिससे कंपनियों से विस्तृत प्रस्ताव मांगे जाएंगे.
निर्माण और उत्पादन: बड़ी जिम्मेदारी
चयनित कंपनियों को AMCA के पांच प्रोटोटाइप और एक स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमन के निर्माण का कार्य सौंपा जाएगा. इसके अलावा, जिस कंपनी को अंतिम रूप से चुना जाएगा, उसे सीरियल प्रोडक्शन के लिए एक अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई भी स्थापित करनी होगी.
सरकार द्वारा मंजूर की गई योजना के अनुसार, AMCA के विकास, परीक्षण और प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया अगले आठ वर्षों में पूरी की जाएगी.
कैबिनेट से मिली आर्थिक मंजूरी
इस साल की शुरुआत में, भारत सरकार की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने AMCA परियोजना के डिज़ाइन और प्रोटोटाइप विकास के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की थी. यह देश की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है.
कब तक उड़ान भरेगा AMCA?
इसका मतलब यह है कि 2029 तक भारत का पहला स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट आसमान में गूंजने लगेगा, यानी अब से केवल तीन साल में.
क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य में क्यों जरूरी है AMCA?
भारत के पड़ोसी देश चीन ने पहले ही अपना 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर J-20 तैनात कर दिया है, और अब वह J-35 नामक नया स्टील्थ फाइटर लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसे पाकिस्तान द्वारा खरीदे जाने की अटकलें हैं. चीन दो नई 6th जनरेशन फाइटर परियोजनाओं (J-36 और J-50) पर भी काम कर रहा है.
वहीं भारत की वायुसेना को अभी भी 42 स्क्वाड्रनों की आवश्यकता है, लेकिन मौजूदा समय में केवल 29 स्क्वाड्रन ही ऑपरेशनल हैं. ऐसे में, स्वदेशी फाइटर जेट्स की भूमिका आने वाले वर्षों में और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी.
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