Indian Economy Growth: भारत की अर्थव्यवस्था इन दिनों नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रही है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारतीय ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है. मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंथा नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP वृद्धि दर 6.8% से भी अधिक रहने की संभावना है.
नागेश्वरन का कहना है कि GST दरों में कमी और इनकम टैक्स में राहत के कारण घरेलू खपत में बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था की गति पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने बताया कि देश की आर्थिक स्थिति निचले स्तर से ऊपर की ओर स्थिर रूप से बढ़ रही है.
इकॉनमिक सर्वे से बेहतर स्थिति
जनवरी में संसद में पेश किए गए इकॉनमिक सर्वे FY26 में GDP वृद्धि का अनुमान 6.3% से 6.8% के बीच रखा गया था. लेकिन अब नागेश्वरन का कहना है कि ताज़ा आर्थिक संकेतक, जैसे उपभोक्ता खर्च, निवेश और औद्योगिक उत्पादन, यह संकेत दे रहे हैं कि ग्रोथ इस सीमा से आगे निकल सकती है.
उन्होंने कहा, “कुछ महीने पहले चिंता थी कि वृद्धि दर 6% तक गिर सकती है, लेकिन अब हालात बेहद उत्साहजनक हैं. हमें भरोसा है कि ग्रोथ 6.5% से ऊपर रहेगी और 6.8% पार कर सकती है. हालांकि 7% की रफ्तार का आकलन दूसरी तिमाही के आंकड़ों के बाद ही किया जाएगा.”
पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत ने 7.8% GDP ग्रोथ दर्ज की थी. यह वृद्धि मुख्य रूप से खेती, होटल, ट्रेड, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूत परफॉर्मेंस के कारण आई.
जनवरी-मार्च 2024 में भी भारत की GDP 8.4% की दर से बढ़ी थी, जो हाल के वर्षों में सबसे तेज़ रफ्तार थी. तुलना करें तो, चीन की ग्रोथ इसी अवधि में केवल 5.2% रही, जिससे यह स्पष्ट है कि भारत फिलहाल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से मिलेगी और ताकत
CEA नागेश्वरन ने यह भी कहा कि अगर भारत और अमेरिका के बीच लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) सुलझ जाता है, तो देश की विकास दर और तेजी पकड़ सकती है. फिलहाल अमेरिका ने भारत के कई उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगा रखा है, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल है. यह टैरिफ अगस्त से लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत जारी है.
नागेश्वरन का कहना है, “जैसे ही यह विवाद सुलझेगा, भारत की आर्थिक संभावनाएं और उज्जवल हो जाएंगी. यह न केवल निर्यात बढ़ाएगा बल्कि विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेगा.”
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