नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (IAF) ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक विशेष वीडियो जारी किया है, जिसमें उसके एडवांस्ड लड़ाकू विमानों और रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित किया गया है. वीडियो में राफेल, सुखोई, जगुआर और तेजस जैसे विमानों के उड़ान प्रदर्शन को दिखाया गया है और इन्हें “शांति के संरक्षक” के रूप में प्रस्तुत किया गया है.
वीडियो ने एक बार फिर चर्चा को जन्म दिया है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के संवेदनशील परमाणु ठिकानों, विशेषकर किराना हिल्स, पर हमला किया था.
ऑपरेशन सिंदूर: आधिकारिक रुख
पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के समय एयर मार्शल ए. के. भारती एयर ऑपरेशंस के डायरेक्टर जनरल थे. उन्होंने स्पष्ट किया था कि भारतीय वायु सेना ने किराना हिल्स पर किसी भी प्रकार का हमला नहीं किया.
IAF के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने नए वीडियो के बारे में पूछे जाने पर कहा, “हम अभी भी अपने आधिकारिक बयान पर कायम हैं.” उन्होंने आगे किसी अन्य विवरण की पुष्टि नहीं की.
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर में वायु सेना ने अपनी रणनीतिक और सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया, लेकिन संवेदनशील परमाणु साइटों पर हमले की कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई.
वीडियो में दिखाई गई मुख्य झलकियाँ
IAF के वीडियो में नूर खान एयरबेस और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में हुए सैन्य ठिकानों पर हमलों की झलक दिखाई गई है. वीडियो में लड़ाकू विमानों की 'सिंदूर' फॉर्मेशन के साथ उड़ान दिखाई गई है. बैकग्राउंड में ‘महिषासुर मर्दिनी’ संगीत रखा गया है, जो विमानों की शक्ति और अनुशासन की भावना को उजागर करता है.
वीडियो का संदेश स्पष्ट है: “मैं शांति का अटूट संरक्षक हूं. यदि कोई इस शांति को भंग करने की कोशिश करता है, तो मैं कठोर और सटीक कार्रवाई के लिए तैयार हूं.”
एडवांस्ड हथियार और विमानों की क्षमताएँ
वीडियो में IAF के एडवांस्ड हथियारों का विस्तृत प्रदर्शन किया गया है.
वीडियो में इन हथियारों और विमानों का प्रदर्शन भारत की रणनीतिक क्षमताओं को दिखाने के उद्देश्य से किया गया है. विशेष रूप से यह उन आलोचनाओं का भी जवाब है, जिनमें कहा गया था कि राफेल जेट्स पर बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइलें उपलब्ध नहीं हैं.
किराना हिल्स पर अटकलों का सच
पिछले साल मीडिया और जियो-इंटेलिजेंस विशेषज्ञों ने गूगल अर्थ की नई तस्वीरों के आधार पर अनुमान लगाया था कि पाकिस्तान की संवेदनशील परमाणु साइटों के आसपास मिसाइल हमलों के निशान हैं.
जियो-इंटेलिजेंस शोधकर्ता डेमियन साइमन ने इन तस्वीरों का विश्लेषण किया और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया. हालांकि, एयर मार्शल भारती ने साफ किया कि किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं हुआ.
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