IMF On Indian Economy: जब दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी, ऊंची महंगाई और जियोपॉलिटिकल तनावों से जूझ रही हैं, तब भारत लगातार मजबूत कदमों के साथ आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भी खुलकर भारत की आर्थिक मजबूती की सराहना कर रहा है.
IMF ने संकेत दिए हैं कि वह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. यह बयान न सिर्फ भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में उसकी भूमिका को भी रेखांकित करता है.
भारत बना वैश्विक आर्थिक ग्रोथ का मजबूत इंजन
IMF ने भारत को एक बार फिर ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ का मुख्य इंजन बताया है. संस्था के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है.
यही कारण है कि अब विकास दर के पुराने अनुमान को संशोधित करने की जरूरत महसूस की जा रही है. IMF का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, स्थिर मैक्रोइकोनॉमिक नीतियां और सरकारी निवेश ने भारत की ग्रोथ को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी मजबूती प्रदान की है.
IMF की प्रवक्ता का बड़ा बयान
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रवक्ता जूली कोजैक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत अब दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम विकास चालक बनकर उभरा है. उन्होंने बताया कि IMF ने पहले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था, जो मुख्य रूप से घरेलू खपत और निवेश गतिविधियों पर आधारित था.
जूली कोजैक के मुताबिक, हालिया आंकड़े बताते हैं कि भारत की ग्रोथ इस अनुमान से भी बेहतर हो सकती है, इसलिए IMF अपने अगले अपडेट में भारत के लिए विकास दर को बढ़ा सकता है.
तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन
IMF ने साफ तौर पर माना है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है. वैश्विक स्तर पर जहां कई देश धीमी वृद्धि का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत ने उत्पादन, सेवाओं और उपभोक्ता मांग के मोर्चे पर मजबूती दिखाई है.
इस बेहतर प्रदर्शन ने IMF को यह सोचने पर मजबूर किया है कि आने वाले समय में भारत न सिर्फ अपनी ग्रोथ बनाए रखेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता में भी अहम योगदान देगा.
जनवरी में आएगा संशोधित ग्रोथ आउटलुक
IMF की प्रवक्ता ने जानकारी दी कि जनवरी में संस्था अपनी अपडेटेड आर्थिक रिपोर्ट जारी करेगी. इस रिपोर्ट में अलग-अलग देशों के लिए संशोधित विकास दर अनुमान शामिल होंगे. जूली कोजैक ने कहा, “भारत ग्लोबल ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण चालक रहा है और इसकी आर्थिक वृद्धि काफी मजबूत बनी हुई है.” इस बयान से यह साफ संकेत मिलते हैं कि भारत की ग्रोथ रेट में ऊपर की ओर संशोधन लगभग तय माना जा रहा है.
विदेशी मुद्रा भंडार भी बना ताकत की ढाल
भारत की आर्थिक मजबूती का एक और बड़ा संकेत उसका बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 9 जनवरी 2025 को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 39.20 करोड़ डॉलर बढ़कर 687.19 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इसके साथ ही देश के सोने के भंडार में भी इजाफा दर्ज किया गया है, जो भारत की वित्तीय स्थिरता और वैश्विक झटकों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करता है.
भारत की ग्रोथ क्यों है दुनिया के लिए अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि सिर्फ उसके अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है. जब विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मांग कमजोर पड़ती है, तब भारत जैसे बड़े उभरते बाजार वैश्विक मांग को सहारा देते हैं. IMF का यह रुख इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक विकास की दिशा तय करने वाला देश बन चुका है.
भविष्य की तस्वीर और भारत की भूमिका
IMF की संभावित ग्रोथ रेट बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि भारत की आर्थिक नींव मजबूत है. घरेलू खपत, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, डिजिटल इकोनॉमी और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस ने भारत को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी आगे बढ़ने की ताकत दी है.
आने वाले महीनों में जब IMF अपनी आधिकारिक अपडेट जारी करेगा, तब यह साफ हो जाएगा कि भारत किस स्तर तक वैश्विक ग्रोथ का नेतृत्व करने जा रहा है. लेकिन फिलहाल इतना तय है कि दुनिया की नजरें भारत की अर्थव्यवस्था पर टिकी हुई हैं, और IMF की यह सराहना उसी भरोसे की पुष्टि करती है.
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