पासपोर्ट के मामले में पड़ोसियों से काफी आगे निकला भारत, इन 57 देशों में कर सकते हैं वीजा फ्री यात्रा

भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत में हाल के वर्षों में सुधार देखने को मिला है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी किए गए हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, भारत अब 85वें स्थान पर आ गया है.

India is far ahead of its neighbours in passport matters
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

नई दिल्ली: भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत में हाल के वर्षों में सुधार देखने को मिला है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी किए गए हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, भारत अब 85वें स्थान पर आ गया है. इस रैंकिंग के साथ भारत ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, और श्रीलंका जैसे अपने कई पड़ोसी देशों को पीछे छोड़ दिया है. भारतीय पासपोर्टधारकों को 57 देशों में बिना वीजा के यात्रा की सुविधा मिल रही है, जो इस क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है.

हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी किए गए इस पासपोर्ट सूचकांक में भारत 2024 में 80वें स्थान पर था और तब भारतीय नागरिकों को 62 देशों में वीजा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा मिलती थी. हालांकि इस साल यात्रा के लिए वीजा-मुक्त गंतव्यों की संख्या 57 हो गई है, लेकिन रैंकिंग में थोड़ा सा नीचे खिसकते हुए भारत 85वें स्थान पर पहुंचा है. इसके बावजूद, भारत ने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखा है.

पड़ोसी देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर

भारत का पासपोर्ट अब भी कई पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक मजबूत माना जा रहा है:

  • पाकिस्तान: 103वें स्थान पर (24 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा)
  • बांग्लादेश: 100वें स्थान पर
  • नेपाल: 101वें स्थान पर
  • श्रीलंका: 98वें स्थान पर
  • भूटान: 92वें स्थान पर

किन देशों में भारतीयों को वीजा नहीं चाहिए?

भारतीय पासपोर्टधारकों को जिन 57 देशों में वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा मिलती है, उनमें कुछ प्रमुख देश हैं:

  • भूटान
  • मालदीव
  • जमैका
  • इंडोनेशिया
  • थाईलैंड
  • कजाकिस्तान
  • फिलीपींस
  • मॉरिटानिया
  • बोलिविया
  • ईरान
  • श्रीलंका (ETA के तहत)
  • कंबोडिया
  • बुरुंडी
  • बारबाडोस
  • ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स
  • अंगोला
  • मलेशिया
  • केन्या

इन देशों में भारतीय यात्रियों को या तो पूर्व वीजा की आवश्यकता नहीं होती, या वे वीजा ऑन अराइवल की सुविधा के तहत प्रवेश कर सकते हैं.

सबसे मजबूत पासपोर्ट कौन से हैं?

2025 की सूची के अनुसार, सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे अधिक ताकतवर है, जिससे 193 देशों में बिना वीजा यात्रा की अनुमति मिलती है. इसके बाद:

  • दक्षिण कोरिया: 190 देशों में वीजा-मुक्त
  • जापान: 189 देशों में वीजा-मुक्त
  • जर्मनी, इटली, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड और लक्ज़मबर्ग: 188 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा
  • ऑस्ट्रिया, फ्रांस, डेनमार्क, आयरलैंड, नीदरलैंड, फिनलैंड और बेल्जियम: 187 देशों के लिए वीजा-मुक्त पहुंच

अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट

पहली बार, संयुक्त राज्य अमेरिका शीर्ष 10 से बाहर होकर 12वें स्थान पर आ गया है. अमेरिका के पासपोर्ट धारकों को अब 180 देशों में ही वीज़ा-मुक्त यात्रा की सुविधा मिलती है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 188 था. मलेशिया के पासपोर्ट की भी यही स्थिति है और वह अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से 12वें स्थान पर है.

सबसे कमजोर पासपोर्ट

इस साल भी दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट अफगानिस्तान का रहा, जिसके नागरिक केवल 24 देशों में ही वीज़ा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं. इसके बाद सीरिया (26 देश) और इराक (29 देश) का स्थान आता है. यह आंकड़े वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं.

पासपोर्ट इंडेक्स कैसे तय होता है?

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनियाभर के 199 पासपोर्ट और 227 संभावित गंतव्यों के आधार पर बनता है. यह डेटा इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की सहायता से एकत्र किया जाता है और यह दर्शाता है कि कोई नागरिक कितने देशों में बिना वीज़ा के या वीज़ा-ऑन-अराइवल के तहत यात्रा कर सकता है.

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