IND vs ENG 1st ODI Playing 11: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर होने जा रहा है. टी20 सीरीज के बाद अब दोनों टीमें 50 ओवर के फॉर्मेट में आमने-सामने होंगी, जहां भारतीय टीम अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी के साथ मजबूत नजर आ रही है. हालांकि मुकाबले से पहले सबसे बड़ी चर्चा संभावित प्लेइंग-11 को लेकर है. कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर के सामने ऐसी टीम चुनने की चुनौती है, जिसमें संतुलन भी बना रहे और मैच जीतने की क्षमता भी पूरी तरह बरकरार रहे. खासतौर पर कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर में से किसे अंतिम एकादश में जगह मिलेगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
विराट की वापसी से बदलेगा समीकरण
भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं दिखाई दे रही है. अफगानिस्तान के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में यशस्वी जायसवाल ने पारी की शुरुआत की थी, लेकिन वह इंग्लैंड दौरे की टीम का हिस्सा नहीं हैं. ऐसे में रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल के ओपनिंग करने की उम्मीद है.
पूर्व कप्तान विराट कोहली की वापसी के बाद उनका नंबर-3 पर खेलना लगभग तय माना जा रहा है. इससे ईशान किशन के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना मुश्किल हो गया है. मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है. दोनों बल्लेबाज पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं.
हालांकि गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम में कई बार बदलाव देखने को मिला है. ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें किस स्थान पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा.
अक्षर पटेल निभा सकते हैं अहम भूमिका
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या अधिक होने के कारण अक्षर पटेल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. परिस्थितियों के अनुसार उन्हें नंबर-5 या नंबर-6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है. अक्षर न केवल उपयोगी बल्लेबाजी करते हैं बल्कि गेंद से भी टीम को संतुलन प्रदान करते हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट के पास अतिरिक्त विकल्प मौजूद रहता है.
बुमराह की वापसी से मजबूत होगा तेज गेंदबाजी आक्रमण
तेज गेंदबाजी विभाग की तस्वीर लगभग साफ दिखाई देती है. जसप्रीत बुमराह लंबे समय बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे हैं. वह 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद पहली बार इस प्रारूप में भारत की ओर से मैदान पर उतरेंगे.
बुमराह के साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा का खेलना लगभग तय माना जा रहा है. इंग्लैंड की परिस्थितियों में यह तिकड़ी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है. नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी टीम इंडिया की रणनीति का अहम हिस्सा होगी.
हार्दिक और नीतीश की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई मुश्किल
भारतीय टीम को सबसे बड़ा झटका हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपलब्धता के रूप में लगा है. दोनों खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण टीम संतुलन प्रभावित हुआ है. ऐसे में शिवम दुबे को टीम में शामिल किया गया है और उनका अंतिम एकादश में खेलना लगभग तय माना जा रहा है.
हालांकि वनडे क्रिकेट में शिवम दुबे की गेंदबाजी हार्दिक पंड्या जैसी विश्वसनीय नहीं मानी जाती. यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट को गेंदबाजी और बल्लेबाजी के बीच सही संतुलन बनाने के लिए अतिरिक्त रणनीति तैयार करनी पड़ रही है.
पहले वनडे से पहले सबसे बड़ी बहस कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर को लेकर है. कुलदीप पिछले कुछ वर्षों में भारत के सबसे सफल विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे हैं. मिडिल ओवर्स में लगातार विकेट निकालने की उनकी क्षमता विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में बेहद कारगर साबित होती है. लेकिन उनकी बल्लेबाजी सीमित होने के कारण टीम संयोजन प्रभावित हो सकता है. यदि भारत शिवम दुबे और कुलदीप यादव दोनों को एक साथ खिलाता है तो गेंदबाजी मजबूत होगी, लेकिन बल्लेबाजी की गहराई कम हो जाएगी और टीम की बल्लेबाजी लगभग नंबर-7 तक ही सीमित रह सकती है.
सुंदर देंगे बल्लेबाजी की अतिरिक्त मजबूती
दूसरी ओर वॉशिंगटन सुंदर टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान करते हैं. जरूरत पड़ने पर वह ऊपरी क्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं, जबकि इससे केएल राहुल को फिनिशर की भूमिका निभाने में भी आसानी मिलेगी. सुंदर के शामिल होने से बल्लेबाजी की गहराई बढ़ेगी, लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि भारतीय टीम मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने वाले अपने सबसे प्रभावी स्पिनर कुलदीप यादव को बाहर बैठाने का जोखिम उठाएगी.
गौतम गंभीर के सामने रणनीतिक फैसला
गौतम गंभीर के अब तक के कार्यकाल पर नजर डालें तो कई मौकों पर उन्होंने अतिरिक्त बल्लेबाज के विकल्प को प्राथमिकता दी है. यही कारण है कि वॉशिंगटन सुंदर का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है. अब फैसला टीम मैनेजमेंट को करना है कि वह बल्लेबाजी में अतिरिक्त मजबूती चाहता है या फिर मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने वाले विशेषज्ञ गेंदबाज पर भरोसा करेगा. कुलदीप यादव को खिलाने से गेंदबाजी अधिक आक्रामक होगी, जबकि वॉशिंगटन सुंदर टीम को हर विभाग में संतुलन देने का विकल्प बन सकते हैं.
पहले वनडे में भारत की संभावित प्लेइंग-11: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर/कुलदीप यादव, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा.
पहले वनडे में इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन , विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग और आदिल राशिद.
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