India and South Africa: टेस्ट सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम ने वनडे फॉर्मेट में शानदार कमबैक किया और 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से रौंद दिया. 271 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने ऐसा दमदार प्रदर्शन किया कि 61 गेंदें शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज को 2-1 से कब्जे में ले लिया और दर्शाया कि इस टीम का जोश और जज्बा हर फॉर्मेट में बरकरार है.
सीरीज की शुरुआत रांची में जीत के साथ हुई थी, लेकिन रायपुर में साउथ अफ्रीका ने मुकाबला पलटकर भारतीय टीम को चार विकेट से हराया. निर्णायक मैच विशाखापट्टनम में था, जहां टीम इंडिया ने तीनों विभागों बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग—में ऐसी लय दिखाई जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया. खास बात यह रही कि टेस्ट सीरीज में मिली 0-2 की हार का दर्द भी इस जीत ने काफी हद तक कम कर दिया.
यशस्वी जायसवाल का विस्फोटक शतक और ओपनिंग में वापसी
इस मैच का सबसे चमकता चेहरा यशस्वी जायसवाल रहे, जिन्होंने अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा. रांची और रायपुर में फ्लॉप रहने वाले यशस्वी ने वाइजैग में शुरुआत धीमी की, लेकिन पचास रन के आसपास पहुंचते ही गियर बदल दिया. 121 गेंदों पर खेली गई 116* रनों की पारी में 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे. यह प्रदर्शन न सिर्फ मैच का टर्निंग पॉइंट बना, बल्कि यह भी साबित कर गया कि यशस्वी वनडे फॉर्मेट में भरोसेमंद बैकअप ओपनर बन चुके हैं.
रोहित शर्मा की सधी हुई कप्तानी भरी पारी ने बनाए मैच के लिए मजबूत आधार
यशस्वी के साथ कप्तान रोहित शर्मा ने भी शानदार खेल दिखाया. रन चेज के दौरान उन्होंने बड़े शॉट्स लगाकर साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया. दोनों के बीच 155 रनों की ओपनिंग साझेदारी ने मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया. रोहित ने 73 गेंदों पर 75 रनों की पारी खेली, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे. उनका अनुभव और शांत स्वभाव पूरे रन चेज के दौरान टीम के लिए बड़ा सहारा रहा.
विराट कोहली की तूफानी पारी और लगातार तीसरी मैच–विनिंग इनिंग
रोहित के आउट होने पर लगा कि साउथ अफ्रीका वापसी कर सकता है, लेकिन यह उम्मीद विराट कोहली ने पूरी तरह तोड़ दी. कोहली ने टी20 अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 45 गेंदों पर नाबाद 65 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने यशस्वी के साथ मिलकर 116 रनों की पार्टनरशिप की. शुरुआती दो मैचों में शतक जड़ने के बाद कोहली का यह तीसरा बड़ा योगदान था, जिसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया.
कुलदीप और प्रसिद्ध कृष्णा ने बॉलिंग में मचाई तबाही
भारतीय गेंदबाजों ने इस मैच में शानदार अनुशासन दिखाया. प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव दोनों ने चार-चार विकेट चटकाए, जिससे साउथ अफ्रीकी टीम बड़े स्कोर तक पहुंचने में विफल रही. 168/2 से शुरू हुआ उनका मोमेंटम अचानक टूट गया और टीम दबाव में बिखर गई. क्विंटन डिकॉक ने जरूर 106 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की रणनीति के सामने उनकी इनिंग्स भी टीम को मजबूत टोटल नहीं दे सकी.
टॉस जीतना साबित हुआ गेम–चेंजर, राहुल का फैंसला पड़ा भारी
कप्तान केएल राहुल ने इस मैच में टॉस जीता, जो पूरे मुकाबले की दिशा तय करने वाला पल बन गया. दूसरी पारी में ओस के चलते बल्लेबाजी आसान रहती है और यही फायदा भारतीय टीम को मिला. मजे की बात यह है कि भारतीय टीम लगातार 20 वनडे में टॉस हार रही थी, लेकिन राहुल ने इस बार सिक्का बाएं हाथ से उछाला और किस्मत उनके साथ हो गई. उनका यह छोटा-सा दांव भारत के लिए बड़ा फैक्टर साबित हुआ.
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