IND vs SA 2nd Test: गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित अंतिम टेस्ट मैच का पहला दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहा. यह पहली बार है जब यह मैदान टेस्ट मुकाबले की मेजबानी कर रहा है, और पहले ही दिन की परिस्थितियों ने अंदाजा दे दिया कि यह पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौती बन सकती है. दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और अच्छी शुरुआत के बावजूद मजबूत स्कोर की ओर बढ़ने का मौका खो दिया.
दिन के आखिरी सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए चार विकेट चटकाए और मेहमान टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने से रोक दिया. खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी रोकना पड़ा और दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट पर 247 रन बनाए.
The celebration from Kuldeep Yadav. 😄pic.twitter.com/05CEHHsg8f
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) November 22, 2025
स्पिनरों की वापसी ने भारत को मैच में बनाए रखा
पिच से दिनभर अधिक मदद नहीं मिली, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, भारतीय स्पिनरों ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली. कुलदीप यादव ने अपनी कलाई स्पिन की कौशलता का शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और दक्षिण अफ्रीका की पारी को झकझोर दिया. उनके साथी रविंद्र जडेजा ने भी धैर्यपूर्वक गेंदबाजी करते हुए एक विकेट लिया. तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को एक-एक सफलता मिली.
हालांकि स्पिनरों की यह सफलता भारतीय टीम के लिए दोधारी तलवार भी मानी जा रही है क्योंकि पिछले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते दिखाई दिए थे. उधर दक्षिण अफ्रीका ने खुद तीन विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतरकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं.
तीन गेंद के अंदर दोनों ओपनर ढेर, भारत की शानदार शुरुआत
पहले दिन की सबसे बड़ी हाइलाइट भारतीय गेंदबाजों की शुरुआती सफलता रही, जब दोनों अफ्रीकी सलामी बल्लेबाज तीन गेंद के भीतर पवेलियन लौट गए. जसप्रीत बुमराह ने सुबह के सत्र के अंतिम ओवर में एडेन मार्कराम को शानदार इन-डिपिंग गेंद पर बोल्ड कर दिया. मार्कराम ने 38 रन बनाए और अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दी, लेकिन वह इसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके.
दूसरे सत्र की शुरुआत में ही कुलदीप यादव ने रियान रिकेलटन को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच करा दिया. दोनों सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर 82 रन जोड़े, और इसी साझेदारी ने मेहमान टीम को मजबूत आधार दिया था.
बावुमा और स्टब्स की मेहनत, पर स्कोर में नहीं दिखा बड़ा असर
इसके बाद तेम्बा बावुमा और ट्रिस्टन स्टब्स ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़कर टीम को स्थिरता देने की पूरी कोशिश की. दोनों बल्लेबाजों ने शुरू में संयम दिखाया और भारतीय गेंदबाजों की रणनीति को पढ़ते हुए रन बढ़ाए. स्टब्स ने लय पकड़ी तो कुलदीप और जडेजा पर दो दमदार छक्के लगाकर मैच का रुख मोड़ने की कोशिश भी की.
हालांकि भारतीय गेंदबाज आखिरी सत्र की शुरुआत में ही वापसी कर गए. बावुमा ने जडेजा की उछाल लेती गेंद को मिड ऑफ के ऊपर से खेलने की कोशिश की, पर यशस्वी जायसवाल ने नीची उड़ान भरती गेंद को शानदार कैच में बदल दिया. स्टब्स भी अर्धशतक से एक रन पहले कुलदीप की फ्लाइटेड गेंद पर स्लिप में केएल राहुल को कैच दे बैठे.
भारत की नई गेंद रणनीति सफल, दक्षिण अफ्रीका की पारी पर ब्रेक
81 ओवर पूरे होने के बाद भारत ने नई गेंद ली और मोहम्मद सिराज ने तुरंत सफलता दिलाई. पहली ही गेंद पर टोनी डि ज़ॉर्जी का बल्ला हल्का-सा किनारा दे गया और पंत ने उसे बेहतरीन तरीके से कैच कर लिया. सिराज की धारदार गेंदबाजी ने अंतिम ओवर में दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बढ़ाया, जिसके तुरंत बाद खराब रोशनी के चलते अंपायरों ने दिन का खेल समाप्त कर दिया.
उस समय सेनुरन मुथुसामी 25 रन पर और काइल वेरिन एक रन पर खेल रहे थे. यदि खेल जारी रहता तो भारत दिन के अंत में एक और सफलता हासिल कर सकता था.
कप्तान के रूप में ऋषभ पंत का पहला दिन
नियमित कप्तान शुभमन गिल गर्दन की चोट के कारण इस टेस्ट में नहीं खेल रहे, और इसीलिए ऋषभ पंत को टीम की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दी गई. इस मैच के साथ पंत भारत के 38वें टेस्ट कप्तान बन गए हैं. उनका विकेट के पीछे प्रदर्शन प्रभावशाली रहा, और टीम की गेंदबाजी सेताल और क्षेत्ररक्षण में उनके आक्रामक फैसलों का असर भी दिखा.
यह भी पढ़ें- उन्हें बिहार छोड़ना होगा... गृह विभाग संभालते ही सम्राट चौधरी ने अपराधियों को दिया आखिरी अल्टीमेटम, जानें क्या कहा