Rahmanullah Gurbaz Century: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा. हालांकि उनकी इस यादगार पारी के पीछे भारतीय टीम की एक बड़ी चूक भी रही, जिसने मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई. यदि शुरुआती दौर में भारत ने सही फैसला लिया होता, तो गुरबाज कम स्कोर पर ही पवेलियन लौट सकते थे.
48 गेंदों में शतक, गुरबाज ने रचा रिकॉर्ड
धर्मशाला में लगातार बारिश के कारण मैच करीब चार घंटे देरी से शुरू हुआ, जिसके चलते मुकाबले को 25-25 ओवर का कर दिया गया. छोटे फॉर्मेट का फायदा उठाते हुए रहमानुल्लाह गुरबाज ने भारतीय गेंदबाजों पर आक्रामक हमला बोला और महज 48 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया.
यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की ओर से सबसे तेज शतक बन गया. साथ ही भारत के खिलाफ वनडे में यह दूसरा सबसे तेज शतक भी रहा. गुरबाज, शाहिद अफरीदी के बाद ऐसे दूसरे बल्लेबाज बने जिन्होंने भारत के खिलाफ 50 से कम गेंदों में वनडे शतक लगाया. अफरीदी ने 2005 में 45 गेंदों पर यह उपलब्धि हासिल की थी.
गुरबाज ने अपनी पारी में 51 गेंदों पर 102 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 8 चौके और 8 छक्के निकले और उनका स्ट्राइक रेट 200 रहा. अंत में नितीश कुमार रेड्डी ने शानदार यॉर्कर डालकर उनकी पारी का अंत किया.
𝐇𝐔𝐍𝐃𝐑𝐄𝐃! 💯@RGurbaz_21 puts on a terrific batting effort and brings up a high-quality hundred against India. 🤩
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) June 13, 2026
A magnificent batting display from Gurboss to bring up his 9th ODI hundred, and his first against India. 👏#AfghanAtalan | #INDvAFG |… pic.twitter.com/9uYaHV6vro
तीसरे ओवर में मिला था जीवनदान
अफगानिस्तान की पारी के शुरुआती चरण में भारत के पास गुरबाज को आउट करने का सुनहरा मौका था. यह घटना तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर हुई, जब अर्शदीप सिंह गेंदबाजी कर रहे थे. उनकी गेंद गुरबाज के पैड पर लगी और भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया.
अंपायर के फैसले के बाद भारतीय टीम रिव्यू लेने को लेकर असमंजस में दिखाई दी. कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा को लगा कि गेंद पहले बल्ले से टकराई है, इसलिए डीआरएस लेने का फैसला नहीं किया गया. उस समय गुरबाज केवल 11 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे.
रीप्ले में सामने आई बड़ी गलती
जब इस गेंद का रीप्ले स्क्रीन पर दिखाया गया तो साफ नजर आया कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी और सीधे पैड पर जाकर टकराई थी. बॉल ट्रैकिंग के अनुसार गेंद मिडिल स्टंप से टकरा रही थी, यानी यदि भारत रिव्यू लेता तो फैसला पलट सकता था और गुरबाज आउट हो जाते.
भारतीय टीम की इस रणनीतिक गलती का पूरा फायदा अफगान बल्लेबाज ने उठाया. जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी जारी रखी और शतकीय पारी खेलकर भारत को भारी नुकसान पहुंचाया.
महंगी पड़ी चूक
गुरबाज को शुरुआती जीवनदान देना भारतीय टीम के लिए काफी महंगा साबित हुआ. जिस बल्लेबाज को 11 रन पर आउट किया जा सकता था, वही आगे चलकर शतक लगाकर अफगानिस्तान की पारी की सबसे बड़ी ताकत बन गया. मैच में उनकी पारी ने साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक छोटा फैसला भी मुकाबले की दिशा बदल सकता है.
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