IIT कानपुर में फिर घटी दर्दनाक घटना, 22 दिनों में दूसरे छात्र ने किया सुसाइड; जांच में जुटी पुलिस

IIT Kanpur Suicide Case: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब अर्थ साइंस विभाग के एक पीएचडी छात्र ने कॉलेज की इमारत की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी.

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IIT Kanpur Suicide Case: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब अर्थ साइंस विभाग के एक पीएचडी छात्र ने कॉलेज की इमारत की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. मृतक की पहचान रामस्वरूप इशराम के रूप में हुई है. घटना IIT कैंपस स्थित AA-21 न्यू SBRA बिल्डिंग में दोपहर के समय हुई, जिससे पूरे संस्थान में हड़कंप मच गया.

रामस्वरूप इशराम मूल रूप से राजस्थान के चूरू जिले के निवासी थे. वह अपनी पत्नी मंजू और तीन साल की छोटी बेटी के साथ IIT कानपुर परिसर में ही रहते थे. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, छात्र ने अचानक दूसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी. कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पुलिस जांच में डिप्रेशन की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही कानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि छात्र मानसिक दबाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था. DCP कासिम आब्दी के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जा सके. छात्र की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है और परिवार को हर संभव सहयोग देने की बात कही गई है.

22 दिनों में दूसरी आत्महत्या, कैंपस में चिंता का माहौल

इस घटना ने इसलिए भी सभी को झकझोर दिया है क्योंकि बीते 22 दिनों के भीतर IIT कानपुर में यह दूसरी आत्महत्या की घटना है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है. मानसिक स्वास्थ्य, अकादमिक दबाव और शोध से जुड़ी चुनौतियों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

पिछले 26 महीनों में बढ़ती घटनाओं की कड़ी

यह पहली बार नहीं है जब IIT कानपुर में किसी छात्र या शोधकर्ता द्वारा आत्महत्या की गई हो. पिछले लगभग 26 महीनों में यह ऐसी नौवीं घटना मानी जा रही है. इससे पहले 19 दिसंबर 2023 को शोध सहायक डॉ. पल्लवी चिल्का ने आत्महत्या की थी. इसके बाद 10 जनवरी 2024 को एम.टेक छात्र विकास मीणा ने अपनी जान ले ली. 18 जनवरी 2024 को पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल की आत्महत्या की खबर सामने आई.

इसके अलावा 10 अक्टूबर 2024 को पीएचडी छात्र प्रगति, 10 फरवरी 2025 को पीएचडी स्कॉलर अंकित यादव, 25 अगस्त 2025 को सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी, एक अक्टूबर 2025 को बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी और 29 दिसंबर 2025 को जय सिंह मीणा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं. अब रामस्वरूप इशराम की मौत के बाद यह संख्या बढ़कर नौ हो गई है.

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