AI Scams: डिजिटल दुनिया में जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर ठग भी नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं. अब सिर्फ फर्जी ईमेल या कॉल ही नहीं, बल्कि AI टूल्स की मदद से ठग आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराने, पैसा ऐंठने और फर्जी प्रोफाइल बनाने में माहिर हो गए हैं.
गूगल की ताज़ा रिपोर्ट “State Of Scams 2025” में खुलासा हुआ कि पिछले साल 57% लोग किसी न किसी ऑनलाइन ठगी का शिकार बने.
ठग कैसे कर रहे हैं AI का इस्तेमाल
1. फर्जी जॉब स्कैम
आजकल कई ठग असली कंपनियों के नाम पर फर्जी जॉब पोर्टल और सोशल मीडिया पोस्ट बनाते हैं. लोग जब आवेदन करते हैं तो उनसे “रजिस्ट्रेशन फीस” या “इंटरव्यू प्रोसेसिंग फीस” के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं और आधार, पैन या बैंक डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा ली जाती है.
गूगल की सलाह: जीमेल और गूगल मैसेज के Scam Detection फीचर का इस्तेमाल करें और Two-Step Verification ऑन रखें.
2. फेक रिव्यू और एक्सटॉर्शन स्कैम
कुछ ठग जानबूझकर किसी व्यवसाय की गूगल रेटिंग गिरा देते हैं और मालिक से पैसे मांगते हैं कि “अगर पैसे दोगे तो रिव्यू हटाएंगे.”
गूगल की सलाह: ऐसे मामलों में ठग से संपर्क न करें, भुगतान न करें और स्क्रीनशॉट लेकर रिपोर्ट करें.
3. फर्जी AI ऐप्स
ठग ChatGPT या Gemini जैसे लोकप्रिय AI टूल्स के नाम पर नकली ऐप बनाकर आपके फोन से डेटा चोरी कर सकते हैं या मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं.
गूगल की सलाह: केवल ऑफिशियल ऐप स्टोर्स से ही ऐप डाउनलोड करें और URL की जांच करें. Chrome के Enhanced Safe Browsing फीचर को सक्रिय रखें.
4. फ्री VPN ऐप्स से धोखाधड़ी
कई फ्री VPN ऐप्स आपके ब्राउज़िंग डेटा और बैंक जानकारी चुरा सकते हैं.
गूगल की सलाह: Play Protect ऑन रखें और सिर्फ वेरिफाइड सोर्स या VPN बैज वाले ऐप्स ही इंस्टॉल करें.
AI ने साइबर अपराधियों को और स्मार्ट बना दिया है, लेकिन थोड़ी सतर्कता और गूगल के टूल्स का इस्तेमाल करके आप अपने डेटा और पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं.
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