वेनेजुएला में उभरे संकट से भारत पर क्या पड़ेगा असर? दोनों देशों के बीच तेल से लेकर दवाई तक है कारोबार

India Venezuela Trade: अमेरिका ने वेनेजुएला पर हाल ही में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तेज धमाके सुने गए और वहां के नागरिक भय और आशंका की स्थिति में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी में कम से कम सात धमाके हुए और लोगों ने कम ऊंचाई पर उड़ते विमान देखे. 

impact will the crisis in Venezuela have on India trade between the two countries oil to medicines
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India Venezuela Trade: अमेरिका ने वेनेजुएला पर हाल ही में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तेज धमाके सुने गए और वहां के नागरिक भय और आशंका की स्थिति में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी में कम से कम सात धमाके हुए और लोगों ने कम ऊंचाई पर उड़ते विमान देखे. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी संकेत दिए थे कि वेनेजुएला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. ट्रंप और उनकी प्रशासन टीम वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वैध नेता के रूप में नहीं मानते और उन्हें तानाशाह के रूप में देखते हैं. इसके साथ ही, अमेरिका ने वेनेजुएला पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें उसकी कच्चे तेल की आपूर्ति को रोकना भी शामिल है.

भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा संबंध

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों का भारत पर भी सीधा असर पड़ सकता है. भारत और वेनेजुएला के बीच तेल का बड़ा व्यापार होता है. भारतीय रिफाइनरियां, विशेषकर रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी, वेनेजुएला के घने और सस्ते तेल को प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं. 

यह तेल डीजल, पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है. यदि वेनेजुएला से तेल की सप्लाई रुक जाती है, तो भारत को हर दिन लगभग 6,00,000 बैरल तेल की कमी का सामना करना पड़ेगा. इससे कंपनियों को तेल की खरीद मिडिल ईस्ट या कनाडा जैसे महंगे स्रोतों से करनी पड़ेगी, जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाएगी और ईंधन की कीमतों पर असर पड़ेगा.

भारत-वेनेजुएला व्यापार

तेल के अलावा भारत और वेनेजुएला के बीच कई अन्य वस्तुओं का व्यापार भी होता है. भारत वेनेजुएला को दवाइयां, टीके, मशीनरी, सूती कपड़े, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स भेजता है. ये दवाइयां और टीके कई बार कम कीमत या मुफ्त में उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वेनेजुएला के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में मदद मिलती है.

इसके विपरीत, भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल, पेट्रोलियम कोक, लोहे का स्क्रैप, तांबे का स्क्रैप और कुछ ऑर्गेनिक केमिकल्स खरीदता है. साल 2023-24 में भारत ने वेनेजुएला से लगभग 43.4 मिलियन डॉलर का लोहे का स्क्रैप आयात किया था. इसके अलावा, 2024 के डेटा के अनुसार, भारत ने वेनेजुएला से लगभग 36.20 मिलियन डॉलर का एल्युमिनियम भी खरीदा. यह एल्युमिनियम ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और बिजली के क्षेत्र में इस्तेमाल होता है.

भारत पर अमेरिकी प्रतिबंधों का असर

वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों और हालिया हमलों का भारत पर गंभीर असर पड़ सकता है. भारत वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है. 2024 में भारत ने लगभग 22 मिलियन बैरल तेल वेनेजुएला से खरीदा था. अब इस सप्लाई चैन पर संकट के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा है.

भारत की सरकारी तेल कंपनी ONGC Videsh ने वेनेजुएला में बड़े निवेश किए हैं. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से कंपनी के लगभग 600 मिलियन डॉलर फंस गए हैं, जो कि एक बड़ा आर्थिक झटका है. इसके अलावा, भारत से वेनेजुएला को निर्यात होने वाली दवाइयों और कपड़ों का व्यापार भी प्रभावित हुआ है. यदि हालात इसी प्रकार बने रहते हैं, तो भारत-वेनेजुएला के बीच आयात-निर्यात रुक सकता है और दोनों देशों के व्यापार को नुकसान पहुंच सकता है.

भारत क्यों सीधे हस्तक्षेप नहीं कर रहा

हालांकि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ गया है, भारत इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं करना चाहता. अमेरिका ने पहले भी वेनेजुएला पर तेल और अन्य प्रतिबंध लगाए थे, तब भी भारत ने किसी भी प्रकार की आलोचना नहीं की थी. 

इसका मुख्य कारण यह है कि भारत और अमेरिका के बीच अभी महत्वपूर्ण ट्रेड डील पर बातचीत जारी है. अगर भारत अमेरिका और वेनेजुएला के विवाद में कुछ भी कह देता है, तो यह संभावित ट्रेड डील पर नकारात्मक असर डाल सकता है. इसलिए, भारत फिलहाल स्थिति का शांतिपूर्ण अवलोकन कर रहा है और रणनीतिक रूप से कदम उठा रहा है.

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