साहित्य के लिए नोबेल प्राइज की घोषणा, हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को मिलेगा पुरस्कार

स्वीडिश एकेडमी ने गुरुवार शाम 4:30 बजे साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की, और इस बार ये प्रतिष्ठित सम्मान हंगरी के प्रख्यात लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को गया.

Hungarian author Laszlo Krasznahorkai to receive Nobel Prize for Literature
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Nobel Prize For Literature 2025: दुनियाभर के साहित्य प्रेमियों के लिए 9 अक्टूबर 2025 की शाम एक खास पल लेकर आई. स्वीडिश एकेडमी ने गुरुवार शाम 4:30 बजे साहित्य के नोबेल पुरस्कार की घोषणा की, और इस बार ये प्रतिष्ठित सम्मान हंगरी के प्रख्यात लेखक लास्जलो क्रास्नाहोरकाई को गया. विचारों की गहराई, शब्दों की सूक्ष्मता और सामाजिक सच्चाइयों को दर्शाने वाले उनके लेखन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी मान्यता मिली है.

क्यों खास हैं लास्जलो की रचनाएं?

स्वीडिश एकेडमी ने लास्जलो की रचनाओं को "प्रभावशाली और दूरदर्शी" बताते हुए कहा कि वे अपने लेखन में तबाही और भय से भरी दुनिया के बीच भी कला की शक्ति को उजागर करते हैं. उन्हें मध्य यूरोपीय साहित्यिक परंपरा का आधुनिक महाकाव्य लेखक माना जाता है, जिनकी लेखनी काफ्का और थॉमस बर्नहार्ड जैसे दिग्गजों की शैली से प्रेरित लगती है. उनकी विशेषता है गहरी, दर्शनात्मक और अक्सर उदासी से भरी कहानियां, जो मानवता के सबसे जटिल पहलुओं को उजागर करती हैं.

‘सैटानटैंगो’ से शुरू हुआ लेखकीय सफर

लास्जलो का पहला उपन्यास 'सैटानटैंगो' वर्ष 1985 में प्रकाशित हुआ था, जिसने उन्हें हंगरी में एक गंभीर और विचारशील लेखक के रूप में स्थापित कर दिया. यह उपन्यास साम्यवादी व्यवस्था के पतन से ठीक पहले के ग्रामीण हंगरी की एक बंजर ज़मीन पर बसे बेसहारा लोगों की कहानी को दर्शाता है. उनकी लेखनी केवल घटनाओं को नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपे सामाजिक और मानवीय दर्शन को भी उकेरती है.

कहानियों से फिल्मों तक

लास्जलो की गूढ़ और चिंतनशील कहानियों की गूंज केवल किताबों तक सीमित नहीं रही. उनकी कई रचनाओं पर फिल्में बन चुकी हैं — जिनमें सबसे चर्चित हैं ‘सैटानटैंगो’ और ‘द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस’. ‘सैटानटैंगो’ पर बनी फिल्म की लंबाई करीब 7 घंटे है और इसे एक सिनेमाई मास्टरपीस माना जाता है. वहीं ‘द मेलांकली ऑफ रेसिस्टेंस’ एक छोटे से गांव के लोगों की जटिल और त्रासदीपूर्ण जिंदगी को गहराई से पेश करती है.

नोबेल विजेता को क्या मिलेगा?

साहित्य का नोबेल पाने वाले विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (करीब 10.3 करोड़ रुपये), एक सोने का मेडल और एक सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा. अगर यह पुरस्कार दो या अधिक लोगों को दिया जाता है, तो राशि को उनके बीच बांटा जाता है. यह सम्मान 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में आयोजित होने वाले नोबेल पुरस्कार समारोह में दिया जाएगा.

अब तक इन क्षेत्रों के नोबेल हो चुके घोषित

नोबेल कमेटी अब तक भौतिकी (Physics), रसायन (Chemistry), चिकित्सा (Medicine) और साहित्य (Literature) के लिए विजेताओं की घोषणा कर चुकी है. बाकी श्रेणियों शांति और अर्थशास्त्र की घोषणाएं जल्द की जाएंगी.

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