Womens World Cup final: आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 अपने रोमांचक पड़ाव पर पहुंच गया है. आज नवी मुंबई के डॉ. डी. वाई. पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होंगी. यह मैच दोपहर बाद शुरू होगा और पूरे देश की निगाहें कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम पर टिकी होंगी.
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी की रणनीति
मैच से पहले रणनीति पर चर्चा करते हुए टीम सूत्रों के मुताबिक, कप्तान हरमनप्रीत कौर टॉस जीतने पर पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती हैं. कारण स्पष्ट है- नवी मुंबई की लाल मिट्टी वाली पिच मैच की शुरुआती ओवरों में तेज़ गेंदबाजों को मदद देती है, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ता है, बल्लेबाजी आसान होती जाती है.
भारत ने पिछले मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी, और इसी रणनीति को फाइनल में भी दोहराना समझदारी होगी.
भारत की यात्रा: उतार-चढ़ाव से भरा सफर
भारत का यह विश्व कप अभियान किसी रोमांचक कहानी से कम नहीं रहा. टीम ने शुरुआत शानदार की- श्रीलंका और पाकिस्तान पर लगातार जीत दर्ज की, जिससे सेमीफाइनल की राह मजबूत हुई.
हालांकि इसके बाद भारत को तीन करीबी मैचों में हार झेलनी पड़ी, जिससे उसका अभियान खतरे में आ गया था. लेकिन फिर हरमनप्रीत एंड कंपनी ने शानदार वापसी की और न्यूजीलैंड को डीएलएस पद्धति के तहत 53 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.
टीम ने लीग चरण को प्वाइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर समाप्त किया और सेमीफाइनल में उसे मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का सामना करना पड़ा.
ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत
सेमीफाइनल में भारत ने वाकई कमाल कर दिखाया. ऑस्ट्रेलिया, जो सात बार की चैंपियन रही है, उसे भारत ने पांच विकेट से हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया.
भारतीय टीम ने 339 रन के विशाल लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए महिला वनडे इतिहास में सबसे बड़ी रन-चेज पूरी की. यह जीत न केवल आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, बल्कि इससे टीम के मनोबल को नई ऊंचाई मिली.
अब दक्षिण अफ्रीका की चुनौती
फाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से है, जिसने इस बार इंग्लैंड को 125 रन से हराकर धमाकेदार तरीके से फाइनल में प्रवेश किया.
प्रोटियाज टीम अपनी तेज़ गेंदबाजी और मजबूत फील्डिंग के लिए जानी जाती है. कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट शानदार फॉर्म में हैं और भारत के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं.
भारतीय टीम का भरोसा अपनी अनुभवी बल्लेबाज़ों- स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा पर होगा, जबकि गेंदबाजी में रेणुका ठाकुर और दीप्ति शर्मा ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है.
कैसी है पिच? लाल मिट्टी का असर
डी. वाई. पाटिल स्टेडियम की लाल मिट्टी वाली पिच इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा है. यह सतह बल्लेबाजों के लिए तो अनुकूल रहती है, लेकिन शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और बाउंस दोनों मिल सकते हैं.
जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को टर्न मिलने लगता है, जिससे दोनों टीमों को संतुलित गेंदबाजी संयोजन अपनाना होगा.
सूत्रों के मुताबिक, फाइनल के लिए वही पिच इस्तेमाल की जाएगी जो भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए लीग मैच में थी. उस मुकाबले में भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी, इसलिए मेजबान टीम इस पिच से खुश नज़र आ रही है.
डीवाई पाटिल स्टेडियम पर भारत का रिकॉर्ड
इस रिकॉर्ड से साफ है कि टीम को इस मैदान की परिस्थितियों की अच्छी समझ है.
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