दिवाली पर छोटी सी गलती लगा सकती है लाखों का चूना, इन टिप्स को फॉलो कर रहें सेफ

दिवाली नजदीक आते ही हर तरफ सेल और ऑफर्स की बहार आ जाती है. लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जमकर खरीदारी करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे यह फेस्टिव सीजन रौनक लेकर आता है, वैसे ही साइबर ठग भी अपने जाल बिछाने लगते हैं.

How to avoid Diwali offer scams key tips to stay safe
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दिवाली नजदीक आते ही हर तरफ सेल और ऑफर्स की बहार आ जाती है. लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जमकर खरीदारी करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे यह फेस्टिव सीजन रौनक लेकर आता है, वैसे ही साइबर ठग भी अपने जाल बिछाने लगते हैं. नकली ऑफर्स, फर्जी SMS, ईमेल और संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है. अगर आप भी इस दिवाली ऑनलाइन खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर खुद को और अपने पैसों को सुरक्षित रख सकते हैं. आइए जानते हैं, किन-किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है:

संदिग्ध ऑफर्स से रहें सतर्क

अक्सर साइबर ठग बड़े ब्रांड्स के नाम पर भारी छूट और आकर्षक ऑफर्स के मैसेज भेजते हैं. ये SMS, WhatsApp मैसेज या ईमेल के जरिए आप तक पहुंचते हैं और एक लिंक क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं. ऐसे किसी भी लिंक पर बिना जांचे-परखे क्लिक न करें. सबसे बेहतर तरीका है कि किसी भी ऑफर की सच्चाई उस ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच लें.

सार्वजनिक वाई-फाई से करें दूरी

शॉपिंग करते समय पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करना बहुत बड़ा खतरा हो सकता है. साइबर अपराधी इन्हीं नेटवर्क्स के जरिए आपके फोन या लैपटॉप में सेंध लगा सकते हैं और आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं. बेहतर है कि खरीदारी केवल अपने सुरक्षित मोबाइल डाटा या ट्रस्टेड वाई-फाई नेटवर्क पर करें.

नकद भुगतान (COD) को प्राथमिकता दें

अगर आपको किसी वेबसाइट या ऑफर पर पूरी तरह भरोसा नहीं है, तो प्रीपेड पेमेंट करने की बजाय कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनें. इससे आपके पैसे तब ही कटेंगे जब सामान आपके हाथ में होगा.

पर्सनल और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें

ध्यान रखें, कोई भी असली कंपनी या बैंक आपसे कॉल या मैसेज के जरिए आपका OTP, कार्ड नंबर, PIN या UPI डिटेल्स नहीं मांगती. अगर किसी अज्ञात नंबर से ऐसा कॉल आए, तो तुरंत कॉल काटें और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें.

वेबसाइट URL और सिक्योरिटी जरूर चेक करें

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय यह जरूर देखें कि वेबसाइट का URL "https://" से शुरू होता है या नहीं. HTTPS में ‘S’ का मतलब होता है ‘Secure’. बिना सिक्योरिटी सर्टिफिकेट वाली वेबसाइट से खरीदारी करना खतरे से खाली नहीं होता.

सोशल मीडिया लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा न करें

फेसबुक, इंस्टाग्राम या X (पूर्व में ट्विटर) पर कई बार डिस्काउंट ऑफर्स वाले लिंक शेयर होते हैं. लेकिन इनमें से कई फर्जी हो सकते हैं. ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले अच्छी तरह जांच करें और जरूरत हो तो सीधे कंपनी की वेबसाइट पर जाकर जानकारी लें.

साइबर सेफ्टी के ये तरीके अपनाएं

  • एंटीवायरस या मोबाइल सिक्योरिटी ऐप का इस्तेमाल करें, जिससे स्कैम लिंक या मालवेयर से बचाव हो सके.
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को अपने पेमेंट ऐप्स में एक्टिव करें.
  • UPI या वॉलेट लिमिट सेट करें, ताकि फ्रॉड होने की स्थिति में ज्यादा नुकसान न हो.

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