एशिया कप के लिए कैसे तैयार हुए कुलदीप यादव? इस सीरीज में खेलने से मिली मदद

Kuldeep Yadav: जब बात बड़े टूर्नामेंट की आती है, तो टीम इंडिया को एक ऐसे स्पिनर की जरूरत होती है जो ना सिर्फ रन रोके, बल्कि बीच के ओवरों में विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर भी तोड़ दे.

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Kuldeep Yadav: जब बात बड़े टूर्नामेंट की आती है, तो टीम इंडिया को एक ऐसे स्पिनर की जरूरत होती है जो ना सिर्फ रन रोके, बल्कि बीच के ओवरों में विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर भी तोड़ दे. इस भूमिका को इस बार बखूबी निभाया कलाई के जादूगर कुलदीप यादव ने. एशिया कप 2025 में भारत की खिताबी जीत के पीछे अगर किसी एक गेंदबाज का नाम सबसे ऊपर आता है, तो वह कुलदीप ही हैं.

टूर्नामेंट में कुलदीप यादव ने कुल 17 विकेट अपने नाम किए और हर मैच में विरोधी बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में उलझाकर टीम को सफलता दिलाई. पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने चार अहम विकेट लेकर भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई.

दलीप ट्रॉफी ने दी कुलदीप को धार

एशिया कप में दमदार प्रदर्शन के पीछे कुलदीप की मेहनत और तैयारी की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कुलदीप ने बताया कि उन्हें अपनी लय वापस पाने में दलीप ट्रॉफी से काफी मदद मिली.

कुलदीप ने बताया, "जब आप लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहते हैं, तो मैच फॉर्म और लय वापस लाना आसान नहीं होता. दलीप ट्रॉफी में मुझे अच्छा बॉलिंग स्पेल मिला और वहां की गेंदबाज़ी ने मेरी तैयारी को धार दी." 

हर मैच में विकेट, हर मुकाबले में असर

कुलदीप यादव का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार रहा. उन्होंने यूएई के खिलाफ 4 विकेट (7 रन देकर), पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप चरण में 3 विकेट, ओमान के खिलाफ 1 विकेट, सुपर-4 में बांग्लादेश के खिलाफ 3 विकेट, श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ भी क्रमशः 1-1 विकेट, और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 4 विकेट चटकाए. कुलदीप ने हर बार अपनी भूमिका को निभाया और टीम के लिए गेम चेंजर बने.

स्पिन तिकड़ी का जलवा

कुलदीप अकेले नहीं थे, उनके साथ वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल की स्पिन तिकड़ी ने इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया. वरुण ने बताया, “मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मुझे मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का मौका दिया, जैसे पावरप्ले और डेथ ओवर्स. यह मेरे लिए एक चुनौती भी थी और गर्व की बात भी.”

कप्तान का भरोसा, टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी

कुलदीप ने यह भी कहा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन पर पूरा भरोसा जताया, और उन्होंने बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ-साथ लगातार विकेट निकालकर उस भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की.

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