इस्लामाबाद/मुज़फ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. जनता और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव अपने चरम पर है, और अब यह टकराव सड़कों से सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है. PoK में पिछले कई दिनों से लगातार प्रदर्शन जारी हैं और शुक्रवार को विरोध का चौथा दिन था. इसी बीच एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने पाकिस्तानी सेना की साख और प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंचाई है.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी फौज की वर्दी, हेलमेट, ढाल और अन्य सामान को महज 10 रुपये में बेच रहे हैं. यह दृश्य न सिर्फ सैन्य प्रतिष्ठान के खिलाफ गुस्से को दर्शाता है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक बन चुका है कि PoK की जनता अब सेना को लेकर आस्था और सम्मान दोनों खो चुकी है.
सैनिक प्रतीकों का सरेआम अपमान
वीडियो में प्रदर्शनकारी सड़क किनारे एक जाली पर लटकी पाकिस्तानी सेना की वर्दियां, हेलमेट और सुरक्षा ढाल बेचते दिखाई दे रहे हैं. भीड़ में एक व्यक्ति जोर से कहता है, “ये सब 10 रुपये में बेच दो, अब इनकी कोई कीमत नहीं रही.”
Civilians in Pakistan Occupied Jammu & Kashmir (PoJK) are mocking Pakistani security forces by keeping their uniform, helmets and shields on sale for Rs. 10 at the protest site. #Muzaffarabad #PoK pic.twitter.com/PTvQP1eWhx
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) October 2, 2025
इस घटना ने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलते हुए पाकिस्तानी सेना की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है. जहां एक ओर सेना खुद को देश की सुरक्षा का प्रतीक मानती है, वहीं दूसरी ओर जनता खुलेआम उनकी वर्दी और प्रतीकों को मजाक बनाकर सरेआम बेच रही है.
सरकार के खिलाफ भड़का जन आक्रोश
यह आंदोलन केवल प्रतीकों के अपमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से पल रहा असंतोष और राजनीतिक अनदेखी है. PoK की जनता अपनी 38 प्रमुख मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है. इन मांगों में कुछ प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
जॉइंट एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर ने कहा, “हमें पिछले 70 वर्षों से हमारे बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है. अब हम खामोश नहीं बैठेंगे. या तो हमारी मांगें मानी जाएं या सरकार जनता के आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहे.”
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर चली गोलियां
प्रदर्शनकारी PoK के विभिन्न क्षेत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग और फायरिंग का सहारा लिया है. स्थानीय मीडिया और नागरिक संगठनों के अनुसार, कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं. इसने सेना और सरकार के प्रति जनता का आक्रोश और बढ़ा दिया है.
सेना प्रमुख मुनीर पर सवालों की बौछार
इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में उनकी अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें राजनीतिक दलों ने “सेल्समैन” कहकर तंज कसा था. विपक्षी नेता ऐमल वली खान ने कहा था कि सेना प्रमुख "राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय विदेशी दौरे और सौदेबाजी में व्यस्त हैं."
ऐसे समय में जब देश के भीतर हालात बिगड़ते जा रहे हैं, PoK से आया यह वीडियो मुनीर के नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
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